NEET-UG Paper Leak: ‘NTA के सिस्टम से लीक नहीं हुआ पेपर’, संसद समिति के सामने बोले NTA चीफ, कहा- CBI कहेगी तब…

NEET-UG Paper Leak: NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर NTA चेयरपर्सन और महानिदेशक संसदीय समिति के सामने पेश हुए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेपर उनके सिस्टम से लीक नहीं हुआ है और आधिकारिक तौर पर लीक तभी माना जाएगा जब CBI इसकी पुष्टि करेगी।

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NTA Chief Facing Parliament Panel Refuses to Call NEET Breach a 'Leak' | Image: ANI

NEET-UG Paper Leak: NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक को लेकर चल रहे विवाद के बीच संसद की एक महत्वपूर्ण समिति के सामने NTA के शीर्ष अधिकारी पहुंचे। गुरुवार को हुई बैठक में NTA चेयरपर्सन प्रदीप कुमार जोशी और डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने साफ कहा कि परीक्षा का पेपर उनकी एजेंसी के सिस्टम से लीक नहीं हुआ है। 

संसदीय समिति के सदस्यों ने NTA अधिकारियों से कई सवाल पूछे। विपक्षी सांसदों ने बार-बार पूछा कि अगर पेपर लीक नहीं हुआ तो फिर परीक्षा रद्द करके दोबारा क्यों कराई गई? NTA अधिकारियों ने जवाब दिया कि कुछ गड़बड़ियों की शिकायतें आई थीं और छात्रों का विश्वास बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आधिकारिक तौर पर लीक तभी माना जाएगा जब CBI अपनी जांच पूरी करके इसे पेपर लीक करार दे।

NTA ने बताया सुधारों पर काम

बैठक में NTA ने राधाकृष्णन रिपोर्ट की सिफारिशों पर भी विस्तार से जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने बताया कि रिपोर्ट की करीब 70 प्रतिशत अल्पकालिक सिफारिशें पहले ही लागू कर दी गई हैं। भविष्य में ऐसी गड़बड़ियां न हों, इसके लिए परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने की कोशिश की जा रही है। 

NTA अधिकारियों ने समिति को बताया कि पेपर बनाने और उसे पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया में भरोसेमंद लोगों को ही शामिल किया जाएगा। साथ ही NEET परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराने पर भी विचार चल रहा है। भविष्य में कई परीक्षाएं इसी तरीके से आयोजित की जा सकती हैं।

स्टाफ की कमी का मुद्दा हुई चर्चा

समिति में NTA की स्टाफ की कमी पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी में अभी करीब 25 प्रतिशत पद खाली हैं और इन्हें जल्द भरने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। सांसदों ने कहा कि स्टाफ पूरा होने से ही परीक्षाओं को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।

विपक्ष vs सत्ता पक्ष

NTA अधिकारियों के साथ संसदीय समिति की यह बैठक काफी लंबी चली। सुबह 11 बजे शुरू हुई यह बैठक शाम 4 बजे तक खत्म हुई। विपक्षी सदस्यों ने CBI जांच रिपोर्ट समिति के सामने पेश करने की मांग की, लेकिन सत्ता पक्ष के सांसदों ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि CBI एक स्वतंत्र एजेंसी है और उसे अपना काम बिना दबाव के करने दिया जाना चाहिए।

इस पर NTA अधिकारियों ने समिति को आश्वासन दिया कि परीक्षा प्रणाली को और पारदर्शी व सुरक्षित बनाने के लिए लगातार काम चल रहा है। इस मामले पर अंतिम रिपोर्ट CBI ही देगी, जिसका इंतजार सभी को है। छात्रों के बीच इस पूरे प्रकरण को लेकर अभी भी काफी असमंजस बना हुआ है। 

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Published By : Shashank Kumar

पब्लिश्ड 21 May 2026 at 21:45 IST