NEET UG 2026: नासिक प्रिंटिंग प्रेस से पेपर हुआ लीक? हरियाणा-जयपुर समेत 5 राज्यों से जुड़े तार... 22 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाला कौन?

सूत्रों के मुताबिक NEET UG 2026 का पेपर नासिक प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ। नासिक से हरियाणा, फिर जयपुर-जामवारामगढ़-सीकर होते हुए जम्मू-कश्मीर, बिहार, केरल और उत्तराखंड तक पहुंचा। 22 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का यह घोटाला जांच के घेरे में है।

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नासिक प्रिंटिंग प्रेस से पेपर हुआ लीक? | Image: Republic

NEET-UG 2026 Paper leak : नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET UG 2026) पेपर लीक ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। इस बार लीक का केंद्र महाराष्ट्र का नासिक बताया जा रहा है, जहां से पेपर की डिजिटल कॉपी तैयार कर देश के अलग-अलग राज्यों तक पहुंचाई गई।

इस घोटाले में हरियाणा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, बिहार, केरल और उत्तराखंड जैसे राज्यों के तार जुड़े हुए हैं। मंगलवार को NEET-UG 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक कांड की जांच तेज हो गई, जब राजस्थान पुलिस की SOG ने लीक रैकेट के कथित मास्टरमाइंड को हिरासत में लिया और सूत्रों के अनुसार, कई राज्यों में परीक्षा के प्रश्नपत्र वितरित करने में शामिल एक व्यापक अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया।

जयपुर SOG सूत्रों के अनुसार, पेपर लीक के कथित मास्टरमाइंड मनीष यादव को जयपुर से हिरासत में ले लिया गया है। एक अन्य प्रमुख आरोपी राकेश मंडावरिया, जिसने कथित तौर पर लीक हुए पेपर को वितरित किया था, उसे भी हिरासत में ले लिया है।

लीक के बाद कहां-कहां पहुंचा पेपर?

सूत्रों के अनुसार, नासिक में एक गुप्त स्थान पर NEET-UG पेपर की पहली डिजिटल कॉपी बनाई गई। इसके बाद इसे सॉल्वर गैंग्स तक भेजा गया। खबरों की मानें तो नासिक प्रिंटिंग प्रेस से पेपर हुआ लीक। पेपर लीक के बाद सबसे पहले हरियाणा पहुंचा

नासिक ऑपरेशन के चौंकाने वाले खुलासे

जांच एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक, एक प्राइवेट कूरियर सर्विस के कर्मचारी पर शक है। उसने कथित तौर पर सुरक्षित ट्रंक को 30 मिनट तक अनधिकृत पहुंच दी, जिसके बाद पेपर की कॉपी निकाली गई। साधारण फोटो खींचने के बजाय हाई-डेफिनिशन पोर्टेबल स्कैनर का इस्तेमाल किया गया, ताकि टेलीग्राम पर चल रहे ‘प्राइवेट माफिया’ जैसे गिरोहों को क्लियर इमेज मिल सके।

नासिक के बाहरी इलाके में एक शैडो सर्वर का पता चला है, जिसका इस्तेमाल पेपर की इमेज होस्ट करने और NTA की AI मॉनिटरिंग को बायपास करने के लिए किया गया। मास्टरमाइंड ने नासिक की एक छोटी आईटी स्टार्टअप की लीज्ड लाइन का इस्तेमाल कर डेटा ट्रांसफर को सामान्य इंटरनेट ट्रैफिक में छिपाने की कोशिश की। लीक हुए पेपर में 120 केमिस्ट्री के प्रश्न असली पेपर से बिल्कुल मैच करते थे। यह सेट परीक्षा से लगभग 42 घंटे पहले तैयार किया गया था।

जांच में अब तक हुए खुलासे

एजेंसियां अब ‘ब्लाइंड लिंक’ पर फोकस कर रही हैं। सूत्र बताते हैं कि नासिक के एक कोचिंग संस्थान ऑपरेटर और राजस्थान के मास्टरमाइंड के बीच सांठगांठ थी, जिसने परीक्षा की लॉजिस्टिकल सुरक्षा को भेदा। दोनों के बीच की साजिश की जांच चल रही है।

छात्रों पर असर

NEET UG में हर साल लाखों छात्र भाग लेते हैं। इस बार करीब 22 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी। एक पेपर लीक मेहनती छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है। मेडिकल सीटों के लिए होड़ लगाने वाले छात्रों का विश्वास टूट रहा है। अभिभावक और छात्र न्याय की मांग कर रहे हैं।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 12 May 2026 at 16:14 IST