'बुलडोजर की राजनीति पर विश्वास नहीं करता बंगाल, टैगोर-नेता जी...', सुवेंदु सरकार के एक्शन पर पूर्व CM ममता बनर्जी का निशाना
Mamata Banerjee: हावड़ा रेलवे स्टेशन के बाहर अतिक्रमण हटाने को लेकर हुई कार्रवाई के बाद पूर्व ममता बनर्जी ने इसको लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ये एक ऐसी सरकार का असली चेहरा बेनकाब करते हैं, जो इंसानियत से ज्यादा अपनी 'छवि चमकाने' (ऑप्टिक्स) में डूबी हुई है।
West Bengal News: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुवेंदु अधिकारी की नई सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने राज्य में अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर हमला बोला और कहा कि बंगाल में बुलडोजर की राजनीति नहीं चलती। ममता ने यह भी कहा कि गरीब लोग राजनीतिक अहंकार की कीमत चुका रहे हैं।
हावड़ा रेलवे स्टेशन के बाहर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। यहां गंगा घाट और बस स्टैंड के पास बनी अवैध दुकानों को हटाया गया।
‘डर, जोर-जबरदस्ती और तोड़-फोड़ की मुहिम चलाकर…’
इस एक्शन को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा, “घरों से लेकर ठेले-खोमचों तक, गरीब लोग राजनीतिक अहंकार की कीमत चुका रहे हैं। बंगाल 'बुलडोजर की राजनीति' में विश्वास नहीं रखता। टैगोर और नेताजी की इस धरती पर आम नागरिकों के खिलाफ डर, जोर-जबरदस्ती और तोड़-फोड़ की मुहिम चलाकर शासन नहीं किया जा सकता।”
अपनी छवि चमकाने में डूबी हुई है सरकार- ममता
ममता ने कहा कि आज हम जो देख रहे हैं, वह बंगाल के लोगों की गरिमा पर एक हमला है- दैनिक मजदूरों, रेहड़ी-पटरी वालों, छोटे दुकानदारों और उन संघर्षरत परिवारों की गरिमा पर, जिन्होंने अपनी जिंदगी एक-एक ईंट जोड़कर खड़ी की है। हावड़ा स्टेशन के आसपास बड़े पैमाने पर चलाई गई बेदखली की मुहिम, तिलजला और पार्क सर्कस की सड़कों पर भड़कता असंतोष और गुस्सा, और अचानक ही सिर से छत व रोजगार छिन जाने के बाद लोगों में बढ़ती हताशा, ये सब एक ऐसी सरकार का असली चेहरा बेनकाब करते हैं, जो इंसानियत से ज्यादा अपनी 'छवि चमकाने' (ऑप्टिक्स) में डूबी हुई है।
उन्होंने आगे कहा कि एक ऐसी सरकार, जो पहले तोड़फोड़ करती है और बाद में लोगों की बात सुनती है, वह बंगाल की मूल भावना को ही भूल चुकी है। किसी भी राज्य की असली प्रगति इस बात से मापी जाती है कि वह अपने सबसे कमजोर नागरिकों के साथ कैसा बर्ताव करता है, न कि इस बात से कि वह उन्हें कितनी तेजी से 'मिटा' सकता है। संस्कृति, करुणा और दमन के खिलाफ संघर्ष की बुनियाद पर बने इस राज्य में बुलडोजर कभी भी शासन की भाषा नहीं बन सकते।
हावड़ा रेलवे स्टेशन के बाहर हटाया गया अतिक्रमण
हावड़ा रेलवे स्टेशन के बाहर गंगा घाट से स्टेशन परिसर पर अतिक्रमण हटाने का यह अभियान रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी), रेलवे अधिकारियों और हावड़ा नगर पुलिस ने संयुक्त रूप से चलाया गया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 18 May 2026 at 07:00 IST