'हम NDA को सपोर्ट करेंगे', करीब 20 TMC सांसदों ने ममता को दिया 'धोखा', लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र; TMC में होगी बड़ी टूट?

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 से ज्यादा सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा है, जिससे पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं।

 
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Mamata Banerjee and Kakoli Ghosh | Image: Facebook/Republic

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 से ज्यादा सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा है, जिससे पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं।

खबरों के मुताबिक, ये सांसद एक अलग गुट या नया राजनीतिक धड़ा बनाने पर विचार कर रहे हैं, क्योंकि ऐसी पहल के लिए जरूरी संख्याबल उनके पास मौजूद बताया जा रहा है।

इस गुट का नेतृत्व सांसद काकोली घोष दस्तीदार कर रही हैं। उन्होंने पत्र में लिखा है कि मेरे साथ TMC के लगभग 20 सांसदों ने BJP के नेतृत्व वाले NDA को समर्थन देने का फैसला किया।

सुवेंदु अधिकारी समेत BJP के वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत

सोमवार को नई दिल्ली में ये घटनाक्रम तब हुआ जब ममता बनर्जी INDI गठबंधन की बैठक में शामिल हो रही थीं। उसी समय, 20 से ज्यादा बागी TMC सांसद राजधानी में अलग से जमा हुए और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी समेत BJP के वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत की।

सूत्रों के मुताबिक, सांसदों ने स्पीकर को बताया है कि वे संसद में तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर काम करना चाहते हैं। सूत्रों से यह भी पता चला है कि बागी गुट तृणमूल कांग्रेस के मुख्य धड़े के तौर पर मान्यता की मांग कर रहे हैं; ऐसी स्थिति में पार्टी की पहचान और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद हो सकता है।

कैसे शुरू हुई बगावत?

राज्यसभा के सीनियर सांसद सुखेंदु शेखर रॉय के तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा देने के कुछ ही समय बाद बगावत ने जोर पकड़ लिया। रॉय के इस्तीफे को पार्टी लीडरशिप के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है और ऐसा लगता है कि इससे बागी नेताओं को एकजुट होने का हौसला मिला है।

इससे पहले दिन में, खबर है कि TMC के करीब 13 सांसदों ने दिल्ली में रॉय से मुलाकात की। बाद में इसी ग्रुप ने BJP नेताओं के साथ बातचीत में हिस्सा लिया, जिससे बंगाल की राजनीति में किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की अटकलें तेज हो गईं।

बागी खेमे से जुड़े जिन सांसदों के नाम सामने आए हैं, उनमें काकोली घोष दस्तीदार, प्रसून बनर्जी, शर्मिला सरकार, अरूप चक्रवर्ती, कालीपदा सोरेन, जगदीश चंद्र बसुनिया, पार्थ भौमिक, बापी हलदर, शताब्दी रॉय, असित कुमार मल, जून मालिया, अबू ताहिर खान और खलीलुुर रहमान शामिल हैं।

सूत्रों का यह भी दावा है कि रचना बनर्जी, यूसुफ पठान, देव अधिकारी और शत्रुघ्न सिन्हा समेत कई अन्य प्रमुख सांसदों के साथ भी बातचीत हुई है, हालांकि वे दिल्ली की बैठक में मौजूद नहीं थे।

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Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 8 June 2026 at 16:34 IST