अपडेटेड 31 January 2026 at 20:16 IST
सुनेत्रा पवार को नहीं अजित पवार जितनी ताकत, CM फडणवीस ने अपने पास रखा वित्त मंत्रालय, इन 3 विभागों की मिली जिम्मेदारी
Sunetra Pawar: अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके बाद उनके विभागों का बंटवारा भी कर दिया गया है। सुनेत्रा को वित्त मंत्रालय नहीं मिला है, जो पहले अजित पवार के पास था।
Maharashtra Deputy CM Sunetra Pawar: बारामती प्लेन क्रैश हादसे में अजित पावर के निधन के बाद शनिवार (31 जनवरी) को उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने डिप्टी सीएम पद की कमान संभाल ली है। सुनेत्रा महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनी हैं। शपथ लेने के बाद अब उनको कई विभागों का जिम्मा भी सौंप दिया गया है। सुनेत्रा को खेल एवं युवा कल्याण विभाग, राज्य उत्पाद शुल्क एवं अल्पसंख्यक विभाग की जिम्मेदारी मिली है।
हालांकि वित्त विभाग जो पहले अजित पवार के पास था, वो सुनेत्रा को नहीं मिला है। सीएम देवेंद्र फडणवीस इस विभाग को अपने पास रखेंगे।
सुनेत्रा पवार को मिले ये विभाग
सुनेत्रा पवार के शपथ लेने के बाद CM देवेंद्र फडणवीस ने उपराज्यपाल को पत्र लिखकर मंत्रालय की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और दिवंगत राज्य एक्साइज ड्यूटी, खेल और युवा कल्याण, अल्पसंख्यक विकास और औकाफ विभाग मिले हैं।
प्लानिंग और फाइनेंस विभाग, जो पहले दिवंगत नेता अजित पवार के पास थे, वो अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास हैं। यानी इस बार का बजट भी सीएम फडणवीस ही पेश करेंगे।
सुनेत्रा पवार ने ली शपथ
महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मुंबई स्थित अपने आवास पर सुनेत्रा को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे भी मौजूद रहे।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की एक विमान दुर्घटना में असामयिक मौत हो गई थी। इस घटना ने पार्टी और महायुति सरकार में बड़ा नेतृत्व संकट पैदा कर दिया था। अजित पवार के निधन के मात्र तीन दिनों के अंदर NCP ने तेजी से फैसला लिया और उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से एनसीपी विधायक दल का नेता चुना गया।
बेटे पार्थ जा सकते हैं राज्यसभा
सुनेत्रा पवार को राजनीति में बहुत अधिक अनुभव नहीं है, लेकिन वे पवार परिवार की सदस्य होने के कारण राजनीति की बारीकियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। वह पहले सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहीं। 2024 में उन्होंने बारामती लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन इसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्हें राज्यसभा सदस्य बनाया गया। अब उपमुख्यमंत्री बनने के साथ उनकी राज्यसभा सदस्यता खत्म हो गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि उनकी जगह बेटे पार्थ पवार राज्यसभा जा सकते हैं।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 31 January 2026 at 20:16 IST