राम मंदिर के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास का बढ़ा अधिकार, अब उनकी ID से ही जारी होंगे VIP पास; एंट्री के नियम में बड़ा बदलाव
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामले सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़े प्रशासनिक बदलाव जारी है। इस कड़ी में अब ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास का अधिकार को बढ़ाते हुए उनके नाम से ID जनरेट कर दी गई है।
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच जारी है। महासचिव पद से चंपत राय के इस्तीफा के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, मंदिर में अंदरुनी तौर पर काफी बदलाव किए जा रहे हैं। इस कड़ी में अब दिनेंद्र दास के अधिकार को और बढ़ा दिया गया है। उनके नाम से आईडी जनरेट कर दी गई है और इनकी ID से ही VIP पास जारी किए जाएंगे।
अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामले सामने आने के बाद ट्रस्ट पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इस बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हुए बड़े प्रशासनिक बदलाव की भी हर तरफ चर्चा जारी है। एक अहम बदलाव के तहत गुरुवार को ट्रस्ट ने पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोपाल राव की डिजिटल आईडी निष्क्रिय कर दी ताकि ये लोग VIP पास जारी न कर सकें। इसके एक दिन बाद आज महंत दिनेंद्र दास की शक्तियों को बढ़ा दिया गया।
अब महंत दिनेंद्र दास की ID से जारी होंगे VIP पास
राम मंदिर के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास का अधिकार बढ़ाते हुए उनके नाम से आईडी जनरेट कर दी गई है। अब उनकी ID से VIP पास जारी किए जा सकेंगे l सूत्रों के अनुसार चढ़ावा प्रकरण में आरोपी टिन्नू यादव ने इसी व्यवस्था का दुरुपयोग करते हुए बड़ी संख्या में पास जारी करवाए थे। जांच एजेंसियां इस पूरे सिस्टम की भी पड़ताल कर रही हैं।
22 जुलाई को ट्रस्ट की अहम बैठक
22 जुलाई के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट राम मंदिर में दर्शन व्यवस्था, पूजा-पद्धति, राग-भोग, चढ़ावा प्रबंधन, सुरक्षा और श्रद्धालु सुविधाओं में बड़े बदलाव लागू करेगा। संतों और रामानंदीय परंपरा के विद्वानों के सुझावों के आधार पर व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी, अनुशासित, आधुनिक और श्रद्धालु-अनुकूल बनाया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट की 22 जुलाई को प्रस्तावित बैठक के बाद नई व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा सकता है। बैठक में ट्रस्ट के नए महासचिव व रिक्त पदों पर नए सदस्यों का चयन किया जाना लगभग तय है। हाल के घटनाक्रमों के बाद ट्रस्ट मंदिर की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने के पक्ष में है।
पूजा-पद्धति से मंदिर एंट्री के नियमों में बदलाव
पूजा-पद्धति को रामानंदीय परंपरा के अनुरूप और व्यवस्थित करने, राग-भोग की व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े कई बिंदुओं पर विचार किया जा रहा है। ट्रस्ट का उद्देश्य दर्शन व्यवस्था को अधिक सुगम, चढ़ावा प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और मंदिर की प्रशासनिक प्रणाली को आधुनिक एवं जवाबदेह बनाना है। इसके साथ ही सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और सेवा व्यवस्था में भी आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट में 13 जुलाई को सुनवाई
इस बीच सुप्रीम कोर्ट से भी बड़ी खबर सामने आई है। 13 जुलाई को अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कथित वित्तीय अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। ये याचिकाएं भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और वी मोहना की बेंच के सामने सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 10 July 2026 at 12:32 IST