'फोटो के 5000, हाथ मिलाने के 10 हजार और...', ओपी राजभर ने लगाया सपा कार्यकर्ताओं से वसूली का आरोप, अखिलेश यादव को दी ये नसीहत'
कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर का आरोप है कि अखिलेश से मिलने, फोटो खिंचवाने और हाथ मिलाने के नाम पर उनके करीबी कार्यकर्ताओं से 5,000 से 10,000 तक की वसूली कर रहे हैं। उन्होंने अखिलेश को 'गेट पर रेट काउंटर' बंद करने की नसीहत दी है।
- भारत
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OP Rajbhar attack Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानों के तीर चलाने के लिए मशहूर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने आरोप लगाया है कि अखिलेश यादव से मिलने, हाथ मिलाने और फोटो खिंचवाने के नाम पर सपा कार्यकर्ताओं से मोटी वसूली की जा रही है।
राजभर ने दावा किया है कि खुद सपा के ही कुछ 'यादव' कार्यकर्ताओं ने उनसे मिलकर अपना यह दर्द बयां किया है।
राजभर ने लगाया वसूली का आरोप
शुक्रवार (10 जुलाई) सुबह-सुबह X पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट करते हुए ओपी राजभर ने लिखा, "मित्र अखिलेश जी, आपके कुछ कार्यकर्ता अपने किसी काम से हमारे पास आए। जाति से आपके वाले ही हैं। आपसे बहुत प्रभावित भी हैं। कहते हैं बस भैया की सरकार आ जाए तो ‘आ हा हा, मौज आ जाएगी’। बस उन्होंने हमसे आपकी एक शिकायत की। ये शिकायत वो आपके यहां कर नहीं सकते तो बात बात में मुझसे बताने लगे। मैंने सोचा आप मित्र हैं तो आपको बता देनी चाहिए।"
राजभर ने आगे कहा कि आपके यादव कार्यकर्ता मुझसे कहने लगे कि “भैया” से मिलने जाने पर उनके “घेरे” के लोग हमसे वसूली करते हैं। कहते हैं कि भैया से फोटो खिंचवाने का 5000 रुपये, हाथ मिलवाने का 8000-10,000 रुपये तक और मिलवाने का तो हिसाब किताब ही नहीं है।
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‘इस 'एक्स्ट्रा इनकम' का जुगाड़ क्यों?’
उन्होंने अखिलेश पर निशाना साधते हुए लिखा कि मुझे समझ नहीं आया कि धरतीपुत्र के पुत्र यानी आपको ऐसी क्या जरूरत पड़ गई कि अपने धरती पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं से वसूली कर रहे हैं। वो भी आपकी अपनी बिरादरी वाली से। अगर यादव कार्यकर्ता का ये हाल है तो बाकियों का कितना रेट लग रहा आपके यहां?
राजभर यहीं नहीं रुके, उन्होंने अखिलेश यादव की संपत्ति पर निशाना साधते हुए लिखा कि सुना है आपकी संपत्ति में 900 गुना बढ़ोतरी हुई है, फिर इस 'एक्स्ट्रा इनकम' का जुगाड़ क्यों? कार्यकर्ताओं के खून-पसीने की कमाई को क्यों चूस रहे हैं आप? अगर आप ख़ुद ये वसूली करवा रहे तो क्या ही कहें लेकिन अगर आपके घेरे वाले ये कर रहे हैं तो कुछ कीजिए महाराज। हार तो आप वैसे ही रहे हैं, ये सब बंटाधार करा देंगे।
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इस मामले में बीच में आने की वजह बताते हुए राजभर ने कहा कि भले ही अखिलेश उन्हें दुश्मन समझें, लेकिन वे अखिलेश को अपना मित्र मानते हैं। दूसरा कारण यह कि गरीब कार्यकर्ताओं ने उम्मीद के साथ उनसे कहा था कि 'मंत्री जी बोलेंगे तो अखिलेश भैया जरूर सुनेंगे। कार्यकर्ता बेचारे गरीब थे तो सोचा आप तक बात पहुंचा दूं।
राजभर की अखिलेश यादव को नसीहत
सपा अध्यक्ष को नसीहत देते हुए राजभर ने कहा कि गेट पर रेट का काउंटर बंद कीजिए मित्र। 20 रुपये चंदा मांग कर कार्यकर्ता को मूर्ख मत बनाइए। इसे बंद करा देंगे तो अगले साल हमें एक अच्छा विपक्ष मिलेगा, वरना यही चलता रहा तो हो सकता है अगले साल नेता प्रतिपक्ष बनाने भर की सीट ना आए। जनता तो हराएगी ही, खुद यही प्रताड़ित शोषित कार्यकर्ता ही आपको हरा देंगे।