अपडेटेड 29 March 2025 at 14:33 IST

प्रेग्नेंसी के दर्द से कराह रही थी महिला, अस्‍पताल में 2 बार वापस भेजा; देर रात ठेले पर जन्‍म दिए बच्चे की मौत

रतलाम जिले में एक गर्भवती महिला को कथित तौर पर दो बार स्वास्थ्य केंद्र से वापस लौटा दिया गया, ये कहकर कि डिलीवरी में अभी टाइम है।

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प्रेग्नेंसी के दर्द से कराह रही थी महिला, अस्‍पताल में 2 बार वापस भेजा; देर रात ठेले पर जन्‍म दिए बच्चे की मौत | Image: Video Grab

मध्य प्रदेश के रतलाम में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। बता दें, रतलाम जिले में एक गर्भवती महिला को कथित तौर पर दो बार स्वास्थ्य केंद्र से वापस लौटा दिया गया, ये कहकर कि डिलीवरी में अभी टाइम है। जब रात में एक बजे महिला को दर्द शुरू हुआ, तो पति ठेले पर लेकर उसे भागा, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले डिलीवरी हो गई और डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद जांच के आदेश दिए गए। सबसे जरूरी बात यह है कि महिला का पति डिलीवरी से पहले दो बार उसे अस्पताल लेकर पहुंचा था।

सैलाना के उपमंडल मजिस्ट्रेट मनीष जैन ने बताया, '23 मार्च को सुबह नौ बजे सैलाना के कालिका माता मंदिर रोड निवासी कृष्ण ग्वाला अपनी पत्नी नीतू को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा, जहां नर्स चेतना चारेल ने उसे यह कहकर वापस भेज दिया कि प्रसव दो-तीन दिन बाद होगा। रात एक बजे महिला को फिर से प्रसव पीड़ा हुई और उसे अस्पताल ले जाया गया।’’ उन्‍होंने शिकायत से हवाले से बताया, ‘‘इस बार नर्स गायत्री पाटीदार ने जांच के बाद नीतू को यह कहते हुए भर्ती करने से इनकार कर दिया कि प्रसव 15 घंटे बाद होगा। दंपत्ति घर लौट आया। जब ​​उसे प्रसव पीड़ा हुई तो उसका पति उसे तीसरी बार हाथगाड़ी में अस्पताल ले गया।’’

रास्‍ते में दिया बच्चे को जन्‍म, हो गई मौत

रास्ते में सुबह तीन बजे उसका प्रसव हो गया, लेकिन बाद में स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि नवजात की मृत्यु हो गई है। जैन ने कहा, 'ग्वाला ने बच्चे की मौत के लिए अस्पताल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है और कार्रवाई की मांग की है। इस घटना की गहन जांच की जाएगी।' उन्होंने बताया कि नर्सिंग अधिकारी चेतना चारेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि एनएचएम की संविदा नर्सिंग अधिकारी गायत्री पाटीदार की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।

कृष्णा ग्वाला ने लगाया अस्‍पताल पर आरोप

कृष्णा ग्वाला ने हॉस्पिटल मैनेजमेंट को बच्चे की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए एसडीएम मनीष जैन से शिकायत की। एसडीएम ने मामले की जांच कर का आश्वासन दिया। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज वायरल हो रहा है, जिसमें पति अपनी पत्नी को ठेले में अस्पताल ले जाता दिख रहा है। जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएचओ डॉ. एमएस सागर ने बताया कि कलेक्टर राजेश बाथम ने नवजात की मौत की जांच के आदेश दिए हैं।

उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर की गई जांच में ड्यूटी में लापरवाही पाई गई है। सैलाना ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. पीसी कोली को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर शैलेश डांगे के खिलाफ कार्रवाई के लिए राज्य के स्वास्थ्य सेवा आयुक्त को पत्र भेजा गया है। उन्होंने बताया कि नर्सिंग अधिकारी चेतना चारेल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि एनएचएम की संविदा नर्सिंग अधिकारी गायत्री पाटीदार की सेवाएं खत्म कर दी गई हैं।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 29 March 2025 at 14:33 IST