Jodhpur: शहनाइयां बजी, मंत्र गूंजे और जेल के अंदर हो गई शादी, हाईकोर्ट की अनुमति से दो बंदियों ने लिए सात फेरे
जोधपुर की मंडोर ओपन जेल में राजस्थान हाईकोर्ट की अनुमति से बंदी मूलाराम ने सीमा से विवाह किया। शहनाई की धुन और वैदिक मंत्रों के बीच दोनों ने सात फेरे लिए। जेल परिसर में सजाए गए मंडप में परिवारजनों की उपस्थिति में पूरी हुई यह शादी सकारात्मक संदेश बन गई।
- भारत
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जेल का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में सलाखें, सजा और सन्नाटे की तस्वीर उभरती है। लेकिन राजस्थान के जोधपुर स्थित मंडोर ओपन जेल में ऐसा अनोखा नजारा देखने को मिला, जिसने हर किसी को हैरत में डाल दिया।
यहां जेल परिसर में शहनाइयां बजीं, वैदिक मंत्र गूंजे और एक बंदी ने अपनी दुल्हन के साथ सात फेरे लेकर नई जिंदगी की शुरुआत कर दी। दुल्हा और दुल्हन, दोनों ओपन जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। राजस्थान के न्यायिक इतिहास में ऐसी शादी पहली बार हुई।
मूलाराम और सीमा ने राजस्थान हाईकोर्ट की विशेष अनुमति के बाद पूरे वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह किया। अदालत की मंजूरी मिलते ही जेल प्रशासन ने शादी की तैयारियां शुरू कर दी थीं। जेल के अंदर ही पारंपरिक मंडप सजाया गया और दोनों परिवारों के सदस्यों, रिश्तेदारों तथा शुभचिंतकों की मौजूदगी में पूरी शादी की रस्में पूरी हुई।
हाईकोर्ट की अनुमति से सपना पूरा
यह शादी सामान्य नहीं थी। दोनों पक्षों को सालों तक इस दिन का इंतजार करना पड़ा। राजस्थान हाईकोर्ट ने विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अनुमति दी, जिसके बाद जेल प्रशासन ने पूरी व्यवस्था की। बंदी मूलाराम और सीमा ने एक-दूसरे का हाथ थामकर जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। जेल का माहौल कुछ घंटों के लिए पूरी तरह बदल गया और वहां खुशी का माहौल छा गया।
जेल परिसर बना मंडप
इस पूरे समारोह की निगरानी ओपन जेल प्रभारी हापू राम ने की, जबकि सेंट्रल जेल अधीक्षक प्रमोद सिंह शेखावत ने व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग की। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि शादी पूरी गरिमा और शांति के साथ संपन्न हो सके। मंडोर ओपन जेल के परिसर में पारंपरिक तरीके से मंडप सजाया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दूल्हा-दुल्हन ने एक-दूसरे का हाथ थामकर सात फेरे लिए। दोनों परिवारों के सदस्य, रिश्तेदार और शुभचिंतक इस अवसर के गवाह बने।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 22 July 2026 at 21:34 IST