अपडेटेड 28 February 2025 at 16:51 IST
Kashmir: बारिश के कारण घाटी में वर्षा की कमी 42 प्रतिशत तक घटी
कश्मीर घाटी में जारी पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हो रही बारिश ने जम्मू-कश्मीर में वर्षा की कमी को 80 प्रतिशत से घटाकर 42 प्रतिशत कर दिया है।
कश्मीर घाटी में जारी पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हो रही बारिश ने जम्मू-कश्मीर में वर्षा की कमी को 80 प्रतिशत से घटाकर 42 प्रतिशत कर दिया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार, घाटी में 26 से 28 फरवरी के बीच सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। इस अवधि में सामान्य वर्षा 15.5 मिमी होनी चाहिए थी लेकिन प्रदेश में 78.4 मिमी वर्षा हुई जो सामान्य से 407 प्रतिशत अधिक है।
अधिकारियों के अनुसार..
अधिकारियों के अनुसार, उधमपुर में सामान्य से 1,891 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई जबकि गांदरबल जिले में यह आंकड़ा 511 प्रतिशत अधिक रहा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस पश्चिमी विक्षोभ से स्थिति में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन शुष्क मौसम की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
जलवायु परिवर्तन की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि दीर्घकालिक समाधान के लिए प्रभावी नीतियां लागू करने की आवश्यकता है। जम्मू-कश्मीर में वर्षा की निरंतर कमी से जल संकट की आशंका बढ़ गई है। वर्ष 2024 में राज्य ने पिछले 50 वर्षों का सबसे शुष्क वर्ष देखा, जहां लगातार पांचवें वर्ष सामान्य से कम वर्षा हुई।
सरकार इस स्थिति को लेकर सतर्क है। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जल प्रबंधन और संरक्षण के लिए अधिक सक्रिय नीति अपनाने की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि यह समस्या नयी नहीं है और सभी को जल संरक्षण के प्रति गंभीर होना होगा।
(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)
Published By : Garima Garg
पब्लिश्ड 28 February 2025 at 16:51 IST