अपडेटेड 22 January 2026 at 13:43 IST
Karnataka: राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने अभिभाषण बीच में छोड़ सदन से किया वॉकआउट, तो CM सिद्धारमैया ने सुप्रीम कोर्ट तक जाने की दे दी चेतावनी
कर्नाटक में राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया। गुरुवार को राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने असेंबली में दिए जाने वाले पारंपरिक अभिभाषण के कुछ हिस्सों को पढ़ने से इनकार कर दिया और सदन से बाहर चले गए।
कर्नाटक में राजभवन बनाम सरकार विवाद बढ़ता ही जा रहा है। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने गुरुवार को असेंबली में दिए जाने वाले पारंपरिक अभिभाषण के कुछ हिस्सों को पढ़ने से इनकार कर दिया और सदन से बाहर चले गए। थावरचंद गहलोत ने विधानसभा से वॉकआउट किया तो मुख्यमंत्री सिद्धारमैया तिलमिला उठे। उन्होंने गवर्नर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की धमकी देते हुए मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जानी की चेतावनी दे डाली।
कर्नाटक में राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया। गुरुवार को इसकी बानगी सदन में देखने को मिली। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने गुरुवार को विधानमंडल के संयुक्त सत्र में दिए जाने वाले पारंपरिक अभिभाषण के कुछ हिस्सों को पढ़ने से इनकार कर दिया। उन्होंने कैबिनेट द्वारा तैयार किए गए भाषण में VB-G RAM G (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण) बिल से जुड़े प्रस्तावित हिस्सों पर आपत्ति जताई और सदन से बाहर चले गए।
राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सदन से वॉकआउट
राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने जब कर्नाटक विधानसभा से वॉकआउट कर रहे तो कांग्रेस नेता बी के हरिप्रसाद उन्हें रोकने की कोशिश करते दिखे। मगर उन्होंने हाथ जोड़ा और भारी हंगामा के बीच सदन से बाहर निकल गए। राज्यपाल के सुरक्षाकर्मियों उन्हें सुरक्षा घेरे में लेकर सदन से बाहर निकाला। इस दौरान सदन में जमकर हंगामा देखने को मिला।
राज्यपाल के रवैये से नाराज CM सिद्धारमैया
राज्यपाल के इस तरह से असेंबली से बाहर जाने पर कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया खासा नाराज नजर आए। उन्होंन घटना पर एतराज जताते हुए कहा,'हर नए साल में गवर्नर को असेंबली के जॉइंट सेशन को संबोधित करना होता है, जिसका भाषण कैबिनेट तैयार करती है। यह एक संवैधानिक जरूरत है। आज, कैबिनेट द्वारा तैयार किया गया भाषण पढ़ने के बजाय, गवर्नर ने वह भाषण पढ़ा जो उन्होंने खुद तैयार किया था।'
सीएम सिद्धारमैया ने सुप्रीम कोर्ट जाने की कही बात
सीएम सिद्धारमैया ने आगे कहा, 'यह भारत के संविधान का उल्लंघन है। यह भारतीय संविधान के आर्टिकल 176 और 163 का उल्लंघन करता है। उन्होंने संविधान के अनुसार अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किया है। इसलिए, हम गवर्नर के इस रवैये के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट जाना है या नहीं।'
क्यों चल रहा सरकार बनाम राज्यपाल विवाद?
यह घटना तमिलनाडु और केरल के हालिया विवादों के बाद दक्षिण भारत में राज्यपाल-सरकार टकराव की नई कड़ी मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल ने भाषण में मनरेगा (MGNREGA) को बदलकर नए केंद्र सरकार के ग्रामीण रोजगार मिशन से संबंधित उल्लेखों को लेकर असहमति जताई थी और कई पैराग्राफ हटाने की मांग की थी।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 22 January 2026 at 13:08 IST