BMC Election: UBT के पास दो इक्के, महायुति को बहुमत के बाद भी मेयर की कुर्सी कैसे हथिया सकते हैं उद्धव ठाकरे?
देश की सबसे अमीर और सबसे बड़ी नगर निगम बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मेयर पद के लिए आज यानी गुरुवार को निर्णायक लॉटरी निकलने वाली है। महायुति को बहुमत के बाद भी मेयर की कुर्सी उद्धव ठाकरे की शिवसेना को मिल सकती है। आईए समझते हैं कैसे होता BMC में मेयर का चयन
- भारत
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महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2026, के नतीजे आने के बाद आज, 22 जनवरी को BMC का अगला मेयर कौन होगा इस पर भी फैसला हो जाएगा। चुनाव में बीजेपी और शिवसेना शिंदे गुट यानि महायुति को पूर्ण बहुमत मिला है। मगर इसके बावजूद उद्धव ठाकरे अपना मेयर बना सकते हैं और भगवान भरोसे वो इसका दावा भी पेश कर रहे हैं। ऐसे में आईए समझते हैं कैसे होता BMC में मेयर का चुनाव। क्या खुल सकती है ठाकरे की किस्मत?
देश की सबसे अमीर और सबसे बड़ी नगर निगम बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मेयर पद के लिए आज यानी गुरुवार को निर्णायक लॉटरी निकलने वाली है। BMC का अगला मेयर कौन होगा इसका फैसला लॉटरी के जरिए किया जाएगा। सुबह 11 बजे से शुरू होने वाली इस लॉटरी से तय होगा कि मुंबई के मेयर पद का आरक्षण किस वर्ग के लिए होगा-महिला, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), ओबीसी या अन्य।
कैसे होगा BMC के मेयर का चयन
यह लॉटरी महाराष्ट्र सरकार के शहरी विकास विभाग द्वारा आयोजित की जाती है और फिलहाल ये विभाग डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के पास है। इस लॉटरी में 29 नगर महापालिकाओं (मुंबई सहित) के मेयर पदों का रोटेशन आधारित आरक्षण तय किया जाएगा। यानी की जिस जाती का मेयर पिछला बार था, इस बार उस जाति का चयन नहीं होगा।
लॉटरी में ऐसे आ सकता है ट्विस्ट
बीएमसी में पिछला मेयर सामान्य वर्ग से होने के कारण इस बार सामान्य कैटेगरी को लॉटरी से बाहर रखा गया है। बीएमसी चुनाव में महायुति गठबंधन (बीजेपी + शिंदे गुट शिवसेना) को पूर्ण बहुमत मिला है। बीजेपी को 89 सीटें और शिंदे गुट को 29 सीटें मिलीं, कुल 118 सीटें (बहुमत के लिए 114 जरूरी)। ऐसे में सामान्य हालात में महायुति से ही मेयर बनना तय माना जा रहा है। लेकिन लॉटरी में ट्विस्ट आ सकता है।
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उद्धव ठाकरे पलट सकते हैं बाजी
शिवसेना (यूबीटी) को केवल 65 सीटें मिली हैं, लेकिन अगर लॉटरी में अनुसूचित जनजाति (ST) का आरक्षण निकल आता है, तो खेल पलट सकता है। महायुति (बीजेपी-शिंदे शिवसेना) के पास कोई भी नवनिर्वाचित ST पार्षद नहीं है, जबकि उद्धव गुट के दो ST पार्षद जीते हैं- जितेंद्र वालवी (वॉर्ड 53) और प्रियदर्शनी ठाकरे (वॉर्ड 121)। ऐसे में ST आरक्षण आने पर उद्धव गुट मेयर पद हासिल कर सकता है, भले ही बहुमत न हो।
अगर SC या ओबीसी या महिला आरक्षण निकला, तो महायुति की स्थिति मजबूत रहेगी, क्योंकि उनके पास इन कैटेगरी के पर्याप्त पार्षद हैं। फिलहाल सबकी की नजरें आज की लॉटरी पर टिकी हैं, जिससे महाराष्ट्र में मुंबई की बीएमसी सहित 29 नगर महापालिका में मेयर का चयन होगा।