भारी दबाव के बाद झुकी कर्नाटक सरकार, स्थानीय लोगों के आरक्षण वाले विधेयक को रोका

Karnataka: कर्नाटक से बड़ी खबर सामने आ रही है। भारी दबाव के बाद कर्नाटक सरकार ने अपने विधेयक को टाल दिया है।

 
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कर्नाटक सीएम सिद्दारमैया | Image: Facebook

Karnataka: कर्नाटक से बड़ी खबर सामने आ रही है। भारी दबाव के बाद कर्नाटक सरकार ने अपने विधेयक को टाल दिया है।

आपको बता दें कि निजी क्षेत्र के संगठनों, उद्योगों और उद्यमों में स्थानीय लोगों को आरक्षण प्रदान करने के लिए कैबिनेट द्वारा पास किए गए विधेयक को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

सिद्धारमैया ने किया एक्स पर पोस्ट

कर्नाटक से CM सिद्धारमैया ने एक्स पर लिखा- 'निजी क्षेत्र के संस्थानों, उद्योगों और उद्यमों में कन्नडिगाओं के लिए आरक्षण लागू करने का विधेयक अभी भी तैयारी के चरण में है। अगली कैबिनेट बैठक में व्यापक चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।'

आपको बता दें कि इससे पहले कर्नाटक से सीएम ने एक्स पर लिखा था कि निजी क्षेत्र के संगठनों, उद्योगों और उद्यमों में स्थानीय लोगों को आरक्षण प्रदान करने के लिए कैबिनेट द्वारा पास किए गए विधेयक को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। इसके बाद उन्होंने अपने पोस्ट को बदल दिया।

इससे पहले भी कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बुधवार को निजी क्षेत्र की नौकरियों में कन्नड़ भाषियों को शत-प्रतिशत आरक्षण देने को लेकर सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपनी पोस्ट को हटा लिया था। उन्होंने सोशल मीडिया मंच पर एक अन्य पोस्ट कर बताया था कि मंत्रिमंडल ने राज्य के निजी उद्योगों और अन्य संस्थानों के प्रशासनिक पदों में 50 प्रतिशत और गैर प्रशासनिक पदों में 75 प्रतिशत आरक्षण कन्नड़ भाषियों को देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

'हमारी प्राथमिकता कन्नड भाषियों का कल्याण'

सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘ हमारी सरकार की इच्छा है कि कन्नड भाषियों को अपनी मातृभूमि में सुगम जीवन जीने का अवसर दिया जाए। हम कन्नड हितैषी सरकार हैं। हमारी प्राथमिकता कन्नड भाषियों का कल्याण है।’’

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को एक्स पर जारी पोस्ट में कहा था- ‘‘ मंत्रिमंडल की कल हुई बैठक में राज्य के सभी निजी उद्योगों में ‘सी’ और ‘डी’ श्रेणी की नौकरियों को शत प्रतिशत कन्नड भाषियों के लिए आरक्षित करने वाले विधेयक को मंजूरी दी गई है।’’

(इनपुटः PTI भाषा के साथ रिपब्लिक भारत डेस्क)

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Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 17 July 2024 at 21:00 IST