'सोनम वांगचुक से हुई सरकार की बातचीत', प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले जेपी नड्डा- जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जेपी नड्डा ने कहा, हम चाहते थे कि पेपर लीक मुद्दे की पार्लियामेंट में चर्चा हो। उन्होंने ये भी कहा कि ये जांच का विषय है, जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
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सोनम वांगचुक के आमरण अनशन और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर संसद तक मचे घमासान के बीच बुधवार रात को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने छात्रों की मांग, समाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ सरकार की बातचीत की जानकारी दी। साथ ही इस मुद्दे को लेकर हो रही राजनीति को लेकर विपक्ष पर हमला भी बोला।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जेपी नड्डा ने कहा, हम चाहते थे कि इस पर (पेपर लीक) पार्लियामेंट में चर्चा हो। कम समय की चर्चा, लंबे समय की चर्चा, बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में, आप तय करें कि आप कितना समय लेना चाहते हैं। आप 12 घंटे ले सकते हैं, आप 18 घंटे ले सकते हैं। राज्यसभा में सदन के नेता के तौर पर मेरा हमेशा से मानना रहा है कि विपक्ष जितने घंटे तय करेगा, हम चर्चा के लिए तैयार हैं।
पार्लियामेंट चर्चा के लिए सबसे सही मंच- जेपी नड्डा
सरकार चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को यह बात ध्यान में रखनी चाहिए और गोल पोस्ट नहीं बदलना चाहिए। हमें सोचना चाहिए कि हम इस समस्या को कैसे हल कर सकते हैं और पार्लियामेंट सबसे सही मंच है जहां हम इस बारे में गहराई से सोच सकते हैं। विपक्ष को समय तय करना चाहिए और उसमें हर पहलू पर चर्चा होनी चाहिए और हमें एक ठोस पॉलिसी बनानी चाहिए।
देश के भविष्य की देखभाल करना हमारी जिम्मेदारी है-नड्डा
बच्चे देश का भविष्य हैं। देश के भविष्य की देखभाल करना हमारी जिम्मेदारी है। इस जिम्मेदारी में सरकार के साथ-साथ विपक्ष भी शामिल है। इसलिए, मैं विपक्ष से अपनी जिम्मेदारी निभाने का आग्रह करता हूं, और हम सभी को इस मुद्दे को सुलझाने और एक स्थायी समाधान की ओर बढ़ने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।"
सोनम वांगचुक से मुलाकात पर क्या बोले नड्डा
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मुलाकात के बारे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, "हम उनका हाल-चाल जानने गए थे। उन्हें सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था। चूंकि वे ICU में थे, इसलिए बातचीत सीमित थी। अपनी मुलाकात के दौरान हमने उनके स्वास्थ्य और हाल-चाल के बारे में पूछा। हमने उनसे अपना अनशन तोड़ने, मुख्यधारा में शामिल होने और बच्चों को सही दिशा में मार्गदर्शन करने का भी आग्रह किया। हमारी सरकार सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार है और हमेशा उनका समाधान करने के लिए तत्पर हैआज उन्होंने मुझे एक खुला पत्र लिखा। हम उस पत्र का जवाब देंगे और जवाब देने के बाद यह सुनिश्चित करेंगे कि बातचीत आगे बढ़े।"
जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी होगा-नड्डा
नड्डा ने आगे कहा, "जो छात्रों की मांग है उन्होंने जो पेपर लीक का मुद्दा उठाया है हमें उसका राजनीतिकरण करने की जरूरत नहीं है। ये जांच का विषय है और जिम्मेदार सरकार है हमारी। जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। इसमें से राजनीतिक लाभ लेना उचित नहीं है। ये एक गहन समस्या है इस समस्या की गहनता से चर्चा होने की आवश्यकता रहती है। भारत की संसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक प्रस्तुतीकरण दिया और उसमें उन्होंने लगभग 150 पेपर लीक पर चर्चा की।
विपक्ष पर बरसे पर नड्डा
सरकार एक जिम्मेवार सरकार है इसलिए निश्चित रूप से हर बात का जवाब जांच के साथ जनता के सामने रखेगी। मैं ये जरूर कहना चाहता हूं कि मुझे ध्यान में आया है कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पंजाब, केरलम, कर्नाटक में पेपर लीक हुआ, इन सब में कांग्रेस या उनके समर्थन वाली सरकार है। इसकी बहुत लंबी सूची है। मैं विपक्ष के नेता से पूछना चाहूंगा कि आप चयनात्मक क्यों हैं?...आपका उद्देश्य छात्रों का हित नहीं है। आप छात्रों की मांगों को लेकर राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं। ये दुर्भाग्यपूर्ण है।"
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 22 July 2026 at 21:18 IST