'हेमंत सोरेन बाल-बाल बचे, उनकी हत्या की कोशिश हुई...', झारखंड के मंत्री ने BJP विधायकों पर लगाया आरोप, बयान से मचा हड़कंप
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि सीएम हेमंत सोरेन की हत्या की कोशिश हुई है। बीजेपी विधायकों के मुख्यमंत्री आवास पर धरना देना कोई विरोध-प्रदर्शन नहीं, बल्कि जान से मारने की कोशिश थी।
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Irfan Ansari Big Claim: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सरकारी आवास के बाहर भाजपा विधायकों का धरना महज एक विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि यह मुख्यमंत्री को जान से मारने की कोशिश थी।
जी हां, मंत्री ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए यह बात कही है। उन्होंने कहा कि कल हमारे मुख्यमंत्री बाल-बाल बचे। जब सदन की कार्यवाही चल रही थी, तब बीजेपी विधायकों ने मुख्यमंत्री आवास पर धरना दिया। यह कोई विरोध-प्रदर्शन नहीं था; यह जान से मारने की कोशिश थी। जरा सोचिए अगर किसी राज्य का आदिवासी मुख्यमंत्री बिना पर्याप्त सुरक्षा के सड़क किनारे रह रहा हो और वहीं पर विरोध-प्रदर्शन किया जाए। मान लीजिए कोई दीवार फांदकर अंदर आ जाता तो?
'परिवार संग थे सोरेन, अगर कोई अनहोनी हो जाती तो...'
उन्होंने आगे दावा किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उस समय अपनी पत्नी और बच्चों के साथ घर के अंदर मौजूद थे। अगर कोई अनहोनी हो जाती, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होता? इसीलिए मैंने मांग की है और स्पीकर से आग्रह किया है कि ऐसे लोगों की पहचान की जाए। इसके पीछे क्या मकसद था? अगर मकसद हत्या या हत्या की कोशिश थी, तो निश्चित रूप से बीजेपी विधायकों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। यही मेरी मांग है।'
मंत्री ने बीजेपी पर साधा निशाना
इसके अलावा उन्होंने आगे कहा कि छात्रों पर कोई बर्बर लाठीचार्ज नहीं हुआ है। वे कहते हैं, 'पहले एक या दो बैरियर पार करना ही बहुत बड़ी बात मानी जाती थी। लेकिन अब आंदोलनकारियों ने 8-8 बैरियर पार कर दिए। यह वही झारखंड है। मैंने वह दौर भी देखा है जब हम विपक्ष में थे; तब अगर कोई पत्रकार या आंदोलनकारी काला कपड़ा पहनकर भी आ जाता, तो भाजपा के लोग उसके सीने में गोली मार देते थे। आज आप किस कार्रवाई की बात कर रहे हैं?'
'पुलिस ने छात्रों पर कोई लाठीचार्ज नहीं किया'
मंत्री ने आगे कहा, 'हमने खुद संघर्ष किया है, मार खाई है और हमारा सिर फूटा है। इस आंदोलन में भी हमारे सैकड़ों जवान घायल हुए हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। मुझे जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार केवल हल्का लाठीचार्ज किया गया था। इसलिए हम यह नहीं मान सकते कि कोई बड़ी लाठीचार्ज की घटना हुई है। हमने खुद हमेशा युवाओं के सम्मान के लिए लाठियां खाई हैं।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि सरकार लाठी और गोली पर नहीं, बल्कि वार्ता पर यकीन करती है। बातचीत से ही समाधान निकलेगा। सरकार युवाओं के साथ है। उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
विधानसभा का घेराव कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज
जान लें कि 10 अगस्त को छात्रों ने अपनी मांगो लेकर झारखंड विधानसभा का घेराव किया था। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया था, जिसमें कई छात्र घायल हुए थे। इसके बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
महतो से मिलने अचानक अस्पताल पहुंचे थे मंत्री
10 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठने के चलते छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद वे कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। उनके साथ लाठीचार्ज में घायल कई अन्य छात्र भी भर्ती थे। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी अचानक देर रात सदर अस्पताल पहुंचे थे और उन्होंने महतो समेत सभी घायल छात्रों से मुलाकात की थी।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 12 August 2026 at 09:28 IST