अपडेटेड 12 January 2026 at 19:45 IST

J&K: बालाकोट में LoC के पास एक के बाद एक फटे कई लैंडमाइंस, आतंकियों को घुसाने के लिए पाकिस्‍तान की तरफ से घटिया हरकत; सेना अलर्ट

जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के पास बीती रात कई ड्रोन देखे जाने के बाद आज पुंछ के बालाकोट में LoC के पास एक के बाद एक कई लैंडमाइंस फटे।

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J&K: बालाकोट में LoC के पास एक के बाद एक फटे कई लैंडमाइंस, आतंकियों को घुसाने के लिए पाकिस्‍तान की तरफ से घटिया हरकत; सेना अलर्ट | Image: Pixabay/Republic

जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के पास बीती रात कई ड्रोन देखे जाने के बाद आज पुंछ के बालाकोट में LoC के पास एक के बाद एक कई लैंडमाइंस फटे। धमाकों से जंगल में आग लग गए जिसपर काबू पाने के लिए सेना और दमकल की टीमें मौके पर पहुंची हैं। सुरक्षाबलों को अलर्ट पर कर दिया गया है और आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है। एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्‍तान इस तरह के धमाके कर आतंकियों को घुसपैठ कराने की कोशिश में है।

अधिकारियों ने बताया कि दोपहर करीब 1:50 बजे बालाकोट सेक्टर के बसूनी अग्रिम क्षेत्र में आग लग गई, जिससे पांच बारूदी सुरंगों में विस्फोट हो गया। अधिकारियों के अनुसार, आग पर अभी पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है और सेना ने निगरानी बढ़ा दी है।

धमाकों से हिल गईं घरों की खिड़कियां

पुंछ जिले के मेंढर सब-डिवीजन के अंतर्गत आने वाले बालाकोट सेक्टर में एलओसी के पास का जंगल अचानक सुलग उठा। अधिकारियों के मुताबिक, सूखी घास और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैली और सेना की अग्रिम सुरक्षा बाड़ (Fence) के पास पहुंच गई। इस क्षेत्र में दुश्मन की घुसपैठ को नाकाम करने के लिए रणनीतिक रूप से एंटी-पर्सनल माइंस बिछाई गई हैं। 

जैसे ही आग की लपटों ने इन माइंस को छुआ, वहां एक के बाद एक कई शक्तिशाली विस्फोट हुए। सीमावर्ती गांवों के निवासियों ने बताया कि धमाके इतने तेज थे कि उनकी खिड़कियां तक हिल गईं। सेना के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और यह सुनिश्चित किया कि आग की इस अराजकता का फायदा उठाकर कोई आतंकी सीमा पार न कर सके। वर्तमान में इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और ड्रोन व थर्मल कैमरों से निगरानी की जा रही है।

आपको बता दें कि बीते 7 दिसंबर को पुंछ जिले में ही नियंत्रण रेखा (LoC) के पास जंगल में अचानक भीषण आग लग गई थी। गनीमत रही कि इस दौरान किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ। ये लैंडमाइंस सीमा पार से होने वाली घुसपैठ को रोकने के लिए बिछाई गई थीं। अधिकारियों के मुताबिक, बालाकोट सेक्टर के जंगलों में जीरो लाइन के पास आग भड़की थी। इसकी चपेट में आकर एंटी-इन्फिल्‍ट्रेशन ऑब्सटेकल सिस्टम का हिस्सा रहीं।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 12 January 2026 at 17:40 IST