अपडेटेड 2 March 2026 at 11:33 IST
Israel-Iran War: भारत सरकार ने जारी किया हाई अलर्ट, खामेनेई की मौत के बाद हो रहे प्रो-ईरान प्रदर्शनों पर सख्त नजर; दूतावासों की बढ़ाई सुरक्षा
इजराइल-ईरान संघर्ष के बीच केंद्र सरकार ने हाई अलर्ट जारी किया। राज्यों में हो रहे प्रो-ईरान प्रदर्शनों पर सख्त नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, दूतावासों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जानें भारत सरकार ने नागरिकों से क्या अपील की है?
Pro Iran Protests India: इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के मद्देनजर केंद्र सरकार ने देशभर में सतर्कता बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि प्रो-ईरान प्रदर्शनों पर कड़ी नजर रखी जाए। कोई भी प्रदर्शन कानून-व्यवस्था की समस्या में न बदलने पाए इसका खास ध्यान रखा जा रहा है। केंद्र ने सख्ती दिखाते हुए राज्यों को साफ निर्देश दिए हैं कि धार्मिक सभाओं या जुलूसों में भड़काऊ भाषणों को पहले ही रोक दिया जाए। पुलिस अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है ताकि छोटी-मोटी घटनाएं बड़े उलझन में न बदलें।
अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए 'ऑपरेशन लायन्स रोर' में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भारत में कई जगह विरोद प्रदर्शन देखा जा रहा है। इन्हीं प्रदर्शन को लेकर सरकार ने सख्ती का कदम उठाया है।
संवेदनशील इलाकों पर सरकार का पूरा फोकस
सुरक्षा एजेंसियां दिल्ली में स्थित इजराइल और ईरान दूतावासों पर खास नजर रख रही हैं। भारतीय जमीन का इस्तेमाल किसी भी पक्ष के टकराव या विरोध के लिए न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। श्रीनगर के घंटाघर इलाके में पहले से सुरक्षा कदम बढ़ा दिए गए हैं। लखनऊ के इमामबाड़ा क्षेत्र में भी अतिरिक्त निगरानी और सतर्कता बरती जा रही है। इसके साथ ही शिया आबादी वाले कारगिल क्षेत्र पर भी सुरक्षा एजेंसियों की खास नजर है।
पुलिस और खुफिया एजेंसी हाई अलर्ट पर
देशभर में स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि स्थिति की लगातार समीक्षा हो रही है। भारत ने पहले ही इजराइल और ईरान में रहने वाले अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें 'उत्म सतर्कता' बरतने और गैर-जरूरी आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।
भारत ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और डिप्लोमेसी के रास्ते पर चलने की अपील की है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि क्षेत्र की संप्रभुता और अखंडता का सम्मान जरूरी है। वहीं अगर दोनों देशों में तनाव ऐसे ही बढ़ता गया तो भारत में भी भावनात्मक प्रदर्शन बढ़ सकते हैं, इसलिए पहले से सतर्कता जरूरी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी भी तरह की हिंसा या उकसावे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नागरिकों से अपील है कि वे अफवाहों से बचें और सिर्फ आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
Published By : Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड 2 March 2026 at 11:33 IST