अपडेटेड 2 March 2026 at 07:18 IST

लेबनान सीमा के पास इजरायल पर फिर दागी गई मिसाइलें, बज उठे सायरन... हिजबुल्लाह के बयान से संघर्ष में नया मोड़

लेबनान की सीमा के पास इजरायल पर फिर एक बार हमले की खबर आ रही है। ईरान और इजरायल संघर्ष के बीच अब नया मोड़ सामने आया है, जिसमें इजरायल में मौजूद लेबनानी संगठन हिजबुल्ला बोल रहा है कि ईरान को समर्थन करना उसका कर्तव्य है। पढ़ें पूरी खबर

Missile Sirens Israel
उत्तरी इजरायल में दागी गईं मिसाइलें | Image: ANI

Missile Sirens in Israel: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच लेबनान की सीमा से इजरायल पर फिर हमला हुआ है। इजरायली सेना ने बताया कि सोमवार को लेबनान से दागी गईं मिसाइलों के कारण उत्तरी इजरायल के कई इलाकों में हवाई हमले के सायरन बज उठे। सेना के मुताबिक, एक मिसाइल को इजरायली वायु सेना ने बीच रास्ते रोक लिया, जबकि कई मिलाइलें खुले इलाकों में गिर गईं। फिलहाल कोई हताहत या बड़े नुकसान की खबर नहीं है लेकिन लोग घबराए हुए हैं।  

यह घटना ऐसे वक्त में हुई जब अमेरिका और इजरायल ईरान पर लगातार हमले कर रहे हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू की है, जिसमें इजरायल और कुछ खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागी गईं। अब लेबनान की ओर से यह हमला क्षेत्रीय संघर्ष को और भड़काने का काम कर रहा है।

हिजबुल्लाह ने हमास का साथ दिया था

लेबनानी संगठन हिजबुल्लाह ने रविवार को कहा कि ईरान का समर्थन करना उसका 'कर्तव्य' है। संगठन ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान के साथ खड़े होने की बात कही। हालांकि, शनिवार से शुरू हुए हमलों के बाद हिजबुल्लाह ने पहले कोई कार्रवाई नहीं की थी। इजरायली सेना ने टेलीग्राम पर पोस्ट किया कि उत्तरी इलाकों में सायरन बजने के बाद एक प्रोजेक्टाइल को इंटरसेप्ट किया गया।

हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच तनाव पुराना है। हमास के पिछले हमले के बाद भी हिजबुल्लाह ने हमास का साथ दिया था, लेकिन 2024 में दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम समझौता हुआ। इजरायल ने तब से हिजबुल्लाह से जुड़े लक्ष्यों पर हमले जारी रखे हैं। पिछले साल जून में इजरायल और ईरान के बीच 12 दिनों का संघर्ष चला था, जिसमें हिजबुल्लाह ने हस्तक्षेप नहीं किया।

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संघर्ष को लेकर भारत के क्या मायने?

इन संघर्ष को लेकर भारतीय दृष्टिकोण की बात की जाए तो, मध्य पूर्व में अस्थिरता से तेल की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं। भारत ईरान और इजरायल दोनों से अच्छे संबंध रखता है, इसलिए क्षेत्रीय शांति की अपील कर सकता है। युद्ध फिलहाल लंबा खिंच सकता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा। कुल मिलाकर, यह घटना मध्य पूर्व के नाजुक संतुलन को बिगाड़ रही है। 

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Published By : Nidhi Mudgill

पब्लिश्ड 2 March 2026 at 07:18 IST