अपडेटेड 7 February 2026 at 14:42 IST

बांग्लादेश और नेपाल के बॉर्डर एरिया पर बढ़ी सख्‍ती, रेलवे भी हुआ अलर्ट; ट्रेन से सीमावर्ती क्षेत्रों में यात्रा के लिए अब पहचान पत्र अनिवार्य

भारतीय रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है, ट्रेन में आरक्षित यात्रा के लिए अब मूल आईडी प्रूफ दिखाना अनिवार्य है। नेपाल और बांग्लादेश बॉर्डर पर ये सख्ती बढ़ाई गई है, ताकि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।

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भारतीय रेलवे का सख्त नया नियम | Image: AI/ANI

Indian Railways News: भारतीय रेलवे ने सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नेपाल और बांग्लादेश बॉर्डर पर सख्ती बढ़ा दी है। रेलवे ने आरक्षित श्रेणी में यात्रा करने वाले सभी यात्रियों के लिए मूल पहचान पत्र को अनिवार्य कर दिया है। यह नियम खासतौर पर भारत-नेपाल और भारत-बांग्लादेश जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में सख्ती से लागू किया जाएगा। जिससे अवैध प्रवेश और बाकी गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकेगा।

रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधकों (पीसीसीएम) को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं। पत्र में साफ साफ कहा गया है कि आरक्षित टिकट पर यात्रा करने वाले हर यात्री को वैध पहचान पत्र का मूल दस्तावेज दिखाना जरूरी होगा। अगर कोई यात्री ऐसा नहीं करता, तो उसे बिना टिकट यात्रा करने वाला माना जाएगा और रेलवे नियमों के मुताबिक जुर्माना लगाया जाएगा साथ ही बाकी कार्रवाई भी की जाएगी।

किसी को नहीं दी जाएगी छूट

वहीं, समूह में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी अलग से नियम बनाए गए हैं। जिसके तहत आरक्षित टिकट पर दर्ज यात्रियों में से कम से कम एक यात्री के पास मूल पहचान पत्र होना अनिवार्य है। ग्रुप में किसी एक के पास ID प्रूफ होना जरूरी है। अगर किसी के पास भी ID प्रूफ नहीं मिला तो समूह को बिना टिकट की श्रेणी में रखा जाएगा। इससे जुर्माना और दंडात्मक कार्रवाई होगी। रेलवे बोर्ड के यात्री विपणन निदेशक-टू संजय मनोचा ने इन निर्देशों को जारी किया है।  

दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, छात्र और बाकी आरक्षण या रियायत कोटा के तहत यात्रा करने वाले यात्रियों को भी अपनी पात्रता से जुड़े वैध दस्तावेज दिखाने जरूरी होंगे। अगर ID प्रूफ नहीं दिखा पाए तो रेलवे द्वारा दी गई रियायत भी निरस्त कर दी जाएगी और पूरा किराया वसूला जाएगा।

यह कदम फर्जी टिकटों और अनुचित लाभ उठाने वालों के खिलाफ भी बड़ा एक्शन होगा। यह नियम न सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाएगा, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत करेगा। नेपाल और बांग्लादेश बॉर्डर पर अक्सर अवैध घुसपैठ की घटनाएं सामने आती हैं, जिन्हें रेलवे मार्गों से रोका जा सकता है।

क्यों जरूरी है यह कदम?

भारतीय रेलवे दुनिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है, जहां रोजाना करोड़ों यात्री सफर करते हैं। वहीं, पिछले कुछ सालों में सुरक्षा चुनौतियां बढ़ी हैं, खासकर अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पास। रेलवे बोर्ड का यह निर्देश ऐसे में बड़ा एक्शन माना जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि टिकट चेकिंग स्टाफ को सख्ती से इन नियमों का पालन कराने के लिए ट्रेनिंग दी गई है।

यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले अपने पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, वोटर ID, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस को साथ रखें। खासतौर पर सीमावर्ती इलाकों जैसे पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर पूर्वी राज्यों में यात्रा करने वाले यात्रियों को भी इस बात का ध्यान रखना होगा कि उनके पास ID प्रूफ हो। रेलवे ने यह भी कहा है कि यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। रेलवे का मानना है कि इससे यात्रा प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनेगी। कुल मिलाकर, यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और यात्री सुविधा दोनों के लिए लाभदायक साबित होगा।  

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Published By : Nidhi Mudgill

पब्लिश्ड 7 February 2026 at 14:38 IST