अपडेटेड 7 February 2026 at 13:48 IST

Delhi: खुले गड्ढे में गिरकर युवक की मौत मामले में नया खुलासा, हादसे के वक्त मौके पर पहुंचा था कॉन्ट्रैक्टर राजेश, पुलिस ने अब किया गिरफ्तार

Janakpuri Sewer Pit Death: दिल्ली के जनकपुरी में खुले गड्ढे में युवक की मौत के मामले में पुलिस लगातार एक्शन ले रही है। पुलिस जांच में बड़ी लापरवाही उजागर हुई, जिसके बाद सब-कॉन्ट्रेक्टर से पूछताछ की जा रही है। वहीं अब कॉन्ट्रेक्टर्स, इंजीनियरों और साइट मैनेजमेंट से जुड़े लोग भी रडार पर हैं, इसलिए मामले में और भी लोगों को हिरास्त में लिया जा सकता है।

Follow : Google News Icon  
Janakpuri Accident Contractor arrest
दिल्ली जल बोर्ड हादसे के बाद सब-कॉन्ट्रेक्टर गिरफ्तार | Image: Republic

Delhi Jal Board Accident: दिल्ली के जनकपुरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड की सीवर खुदाई के दौरान हुए हादसे को लेकर पुलिस ने पहली गिरफ्तारी की है। 25 साल के कमल की मौत के मामले में कई बड़ी लापरवाही उजागर सामने आई, पुलिस जांच में पता चला है कि हादसे के वक्त एक परिवार उस रात हादसे वाली जगह से गुजर रहा था। परिवार के लोगों ने कमल को गड्ढे में गिरते हुए भी देखा। जिसके बाद उन्होंने तुरंत मौके पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड और गड्ढे के पास टेंट में रहने वाले एक व्यक्ति को इसकी जानकारी दी। 

परिवार ने जिस व्यक्ति को जानकारी दी वो सब-कॉन्ट्रेक्टर राजेश प्रजापति का कर्मचारी था। जिसके बाद कर्मचारी ने फौरन राजेश प्रजापति को फोन कर बुलाया था। वहीं, राजेश भी मौके पर पहुंच गया था। लेकिन मौके पर पहुंचने के बाद भी हादसे की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई। जिससे सब कॉन्ट्रेक्टर राजेश प्रजापति सवालों के घेरे में आ गए और अब उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, इस हादसे के बाकी जिम्मेदार लोगों पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।  

हादसे के वक्त पहुंचा था राजेश, क्यों नहीं लिया एक्शन?

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि, कॉन्ट्रेक्टर राजेश प्रजापति को रात 12 बजकर 22 मिनट पर कॉल की गई थी। राजेश मौके पर पहुंच भी गया और उसने गड्ढे में गिरी बाइक को भी देखा, बावजूद इसके उसने कोई कदम नहीं उठाया। वह पुलिस को सूचना दिए बिना ही चला गया।

दिल्ली पुलिस ने राजेश प्रजापति को हिरासत में लेकर उससे गहन पूछताछ की। जिसके बाद सामने आया है कि राजेश ने हादसे को छिपाने की कोशिश की, जो उसके खिलाफ बड़ा सबूत है। इसके अलावा, कॉन्ट्रेक्टर, इंजीनियर और साइट मैनेजमेंट से जुड़े बाकी लोग भी पुलिस के रडार पर हैं। कुल मिलाकर प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और कर्मचारी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को मजबूत सबूत मिले हैं।

Advertisement

हादसे का जिम्मेदार कौन? 

FIR में दर्ज जानकारी के मुताबिक, खुदाई के बाद गड्ढा बिना ढके छोड़ दिया गया था। वहां न बैरिकेडिंग थी, न कोई चेतावनी बोर्ड और न ही पर्याप्त रोशनी। कम रोशनी में यात्रियों को अलर्ट करने के लिए कोई रिफ्लेक्टर या हेजार्ड मार्किंग भी नहीं की गई थी। जिससे कहा जा रहा है कि सार्वजनिक सड़क पर खुला गड्ढा बिना सुरक्षा के छोड़ा गया। जांच में सामने आया कि दिल्ली जल बोर्ड को इस खुदाई की जानकारी थी, लेकिन सेफ्टी को लेकर एहतियाती कदम नहीं उठाए गए। कॉन्ट्रेक्टर ने बेसिक सेफ्टी नॉर्म्स तक का पालन नहीं किया हुआ था। जानलेवा गड्ढे के पास कोई सुरक्षा गार्ड या मॉनिटरिंग स्टाफ नहीं था। इन सभी लापरवाहियों की वजह से मामला साधारण दुर्घटना से क्रिमिनल नेग्लिजेंस में बदल गया है।

कमल ने फोन पर कहा था- '10 मिनट में आ रहा हूं...'

मृतक कमल का परिवार इस हादसे के बाद टूट गया है। रात के वक्त परिवार कमल का इंतजार करता रहा, लेकिन उन्हें क्या पता था कि कमल कभी घर लौट कर आएगा ही नहीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कमल ने आखिरी कॉल में कहा था- '10 मिनट में आ रहा हूं...' लेकिन खुले गड्ढे ने उसकी जान ले ली। फिलहाल दिल्ली पुलिस ने सभी कॉन्ट्रेक्टर्स के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, आगे की गहन जांच अभी जारी रहेगी। इस हादसे के बाकी जिम्मेदारों पर भी पुलिस जल्द शिकंजा कसने वाली है। लेकिन इस तरह के मामले दिल्ली में सड़क सुरक्षा और कॉन्ट्रेक्टर्स की जिम्मेदारी पर बड़े सवाल खड़े करते हैं।  

Advertisement

यह भी पढ़ें: नाश्ते में ट्राई करें पिंक उपमा, चुकंदर से बनाएं हेल्दी और कलरफुल रेसिपी

Published By : Nidhi Mudgill

पब्लिश्ड 7 February 2026 at 13:37 IST