अपडेटेड 16 September 2025 at 13:07 IST

Trump Tariff: ट्रंप टैरिफ वार के बाद फिर पटरी पर लौटेगी भारत-अमेरिका की दोस्ती? भारत पहुंचे ब्रेंडन लिंच; बंद कमरे में व्यापार वार्ता शुरू

अमेरिका के प्रमुख व्यापार वार्ताकार ब्रेंडन लिंच भारत के साथ रूकी हुई ट्रेड डील को आगे बढ़ाने की कोशिश में जुटे हैं। इस कड़ी में नई दिल्ली में दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता शुरू हो गई है।

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भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता फिर से शुरू | Image: AP/X

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को एक फिर आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इस दिशा में तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। इस कड़ी में मंगलवार को नई दिल्ली में दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय व्यापार वार्ता शुरू हुई। अमेरिका के प्रमुख व्यापार वार्ताकार ब्रेंडन लिंच इस डील में उलझे मुद्दों को सुलझाने के लिए भारत पहुंचे हैं। लिंच भारत के मुख्य वार्ताकार राजेश अग्रवाल के साथ बंद कमरे में अहम चर्चा कर रहे हैं। राजेश अग्रवाल फिलहाल वाणिज्य मंत्रालय में विशेष सचिव हैं।

वार्ताकार लिंच के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल सोमवार की रात को भारत पहुंच गई थी। लिंच अमेरिका के सहायक व्यापार प्रतिनिधि (दक्षिण एवं पश्चिम एशिया) हैं। यह एक-दिवसीय वार्ता दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। भारत-US एक बार फिर रुकी हुई ट्रेड डील पर बात आगे बढ़ाने की कोशिश शुरू कर दी है। दोनों देशों के बीच समझौते पर बातचीत बीते 27 अगस्त को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर एक्स्ट्रा 25 फीसदी टैरिफ लगाए जाने के बाद से थम गई थी।

ट्रंप ने PM मोदी को बताया था अच्छा दोस्त

बता दें कि हाल ही पीएम मोदी और ट्रंप के बीच सोशल मीडिया पर हुई बात के बाद इसमें तेजी आने के संकेत दिखने लगे थे। अब तक दोनों देशों के बीच 5 राउंड की ट्रेड वार्ता हो चुकी है। भारत पर 50 फीसदी टैरिफ के बाद छठे राउंड के लिए चर्चा को टाल दिया गया है, जो 25 और 29 अगस्त को होने वाली थी। अब ट्रंप के तेवर नरम पड़ने के बाद एक फिर से दोनों देशों के बीच बिगड़े रिश्ते सुधरने की उम्मीद नजर आ रही है।

ब्रेंडन लिंच के साथ बंद कमरे में बातचीत शुरू

ट्रंप प्रशासन के प्रमुख वार्ताकार ब्रेंडन लिंच इस समझौते को लेकर भारत के साथ गहन चर्चा में जुटे हैं। दोनों पक्षों के बीच यह वार्ता व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए बेहद जरूरी है। सूत्रों के अनुसार, बैठक का मुख्य उद्देश्य माल और सेवा क्षेत्र में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देना, बाजार पहुंच को विस्तार देना, टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करना, साथ ही आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) के एकीकरण को और गहरा करना है।

ट्रंप के 50 फीसदी टैरिफ के फैसले से बिगड़ी थी बात

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा की थी। कुछ दिनों बाद, उन्होंने एक और 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया। कुल मिलाकर भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया, जिसमें भारत द्वारा रूसी तेल के निरंतर आयात का हवाला दिया गया। 50 प्रतिशत टैरिफ 27 अगस्त को लागू हुए। ट्रंप के इस फैसले के बाद दोनों देशों के रिश्ते में दूरियां बढ़ गई थी और यह व्यापार वार्ता भी रूक गई। अब एक बार फिर इस वर्ता के जरिए दोनों देशों के रिश्ते को पटरी पर लाने की कोशिश की जा रही है। 
 

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 16 September 2025 at 13:07 IST