अपडेटेड 17 February 2026 at 23:27 IST

भारत-फ्रांस के बीच किन मसलों पर हुआ समझौता? जानिए PM मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक की खास बातें

मुंबई में पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की बैठक में भारत-फ्रांस संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी घोषित किया गया। दोनों देशों के बीच 20 से अधिक समझौते हुए। दोनों नेताओं ने वैश्विक स्थिरता और प्रगति पर जोर दिया।

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भारत-फ्रांस के बीच किन मसलों पर हुआ समझौता? | Image: ANI

India France Agreements : मुंबई में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक हुई। बैठक के दौरान दोनों देशों ने रक्षा, स्किलिंग, टेक्नोलॉजी और हेल्थ जैसे प्रमुख क्षेत्रों में 20 से अधिक समझौतों और परिणामों की घोषणा की है।

यह फ्रांस के राष्ट्रपति की भारत की चौथी आधिकारिक यात्रा है, जो AI इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेने के साथ-साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से हुई> राष्ट्रपति मैक्रों और पीएम मोदी ने कर्नाटक में H125 हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का भी वर्चुअल उद्घाटन किया।

दोनों देशों के बीच प्रमुख समझौते

दोनों देशों ने AI, स्पेस, क्लीन एनर्जी और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि टेक्नोलॉजी में किसी का वर्चस्व नहीं होना चाहिए और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

रक्षा क्षेत्र

रक्षा क्षेत्र की बात करें तो कर्नाटक में H125 हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन शुरू की गई। यह हेलीकॉप्टर दुनिया का एकमात्र ऐसा है जो माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई तक उड़ सकता है। अब भारत में बनेगा और दुनिया भर में बेचा जाएगा। जो एयरबस और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के संयुक्त उद्यम के तहत 'मेक इन इंडिया' पहल का हिस्सा है। साथ ही, भारत की BEL कंपनी और फ्रांस की Safran कंपनी मिलकर हैमर मिसाइलें बनाएंगी। पुराने रक्षा समझौते को 10 साल और बढ़ाया गया।

तकनीक और AI

तकनीक और AI क्षेत्र की बात करें तो AIIMS दिल्ली में 'इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन हेल्थ' शुरू हुआ। इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर डिजिटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी भी लॉन्च हुआ। इनोवेशन नेटवर्क और कई स्टार्टअप से जुड़े काम शुरू। AI का इस्तेमाल करके स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नए सेंटर और रिसर्च पर काम होगा। स्किलिंग के बात करें तो एयरोनॉटिक्स में 'नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' बनेगा, जहां युवाओं को ट्रेनिंग मिलेगी।

दोनों नेताओं ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस की दोस्ती समंदर की गहराई से लेकर पहाड़ों की ऊंचाई तक फैली है। यह साझेदारी दुनिया में स्थिरता लाने में मदद करेगी। राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते विश्वास, खुलेपन और महत्वाकांक्षा पर टिके हैं। पिछले 8 सालों में AI, सोलर एनर्जी, IMEC जैसे क्षेत्रों में बहुत काम हुआ है।

यह समझौते भारत को आत्मनिर्भर बनाने और मेक इन इंडिया को मजबूत करने में बहुत मदद करेंगे। दोनों देश मिलकर नई तकनीक, स्वास्थ्य और रक्षा में दुनिया को नई दिशा दिखा रहे हैं।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 17 February 2026 at 23:27 IST