अपडेटेड 17 February 2026 at 22:01 IST
टेंपल इकोनॉमी मॉडल सफल... राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या की अर्थव्यवस्था में बंपर उछाल- IIM लखनऊ की स्टडी रिपोर्ट
UP News : राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या की अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक उछाल आया। IIM लखनऊ की स्टडी के अनुसार, रोज 2 लाख से अधिक श्रद्धालु आने से पर्यटन, होटल, परिवहन और सेवा क्षेत्र में तेज वृद्धि हुई।
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22 जनवरी, 2024 को अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। इस ऐतिहासिक घटना ने सिर्फ धार्मिक महत्व ही नहीं बढ़ाया, बल्कि अयोध्या की पूरी अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा दे दी। भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) लखनऊ की एक हालिया केस स्टडी में इसका खुलासा हुआ है। इसमें मंदिर बनने से पहले और बाद की स्थिति की तुलना की गई है।
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले अयोध्या मुख्य रूप से एक पवित्र तीर्थ स्थान के रूप में जानी जाती थी। यहां पर्यटकों की संख्या सीमित थी, रोजगार के अवसर कम थे और आर्थिक गतिविधियां धीमी चलती थीं। रियल एस्टेट और व्यापार में ज्यादा तेजी नहीं थी। प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। हर रोज औसतन 2 लाख से ज्यादा श्रद्धालु यहां आते हैं। इससे पर्यटन, होटल, परिवहन, निर्माण और सेवा क्षेत्रों में जबरदस्त वृद्धि हुई है।
- पर्यटन और राजस्व में उछाल- पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों से कर राजस्व में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। अनुमान है कि यह 20 से 25 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
- देशव्यापी कारोबार- राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से जुड़े कारणों से पूरे देश में 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का व्यापार हुआ। इसमें अयोध्या की हिस्सेदारी बहुत महत्वपूर्ण रही।
- हॉस्पिटैलिटी- अयोध्या में 150 से ज्यादा नए होटल और होमस्टे खुल गए हैं। बड़े होटल चेन भी यहां विस्तार कर रहे हैं। ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म पर बुकिंग में 4 गुना तक की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
- स्थानीय उत्पादों की मांग- हस्तशिल्प, धार्मिक स्मृति चिन्ह, मूर्तियां और अन्य स्थानीय सामानों की मांग तेजी से बढ़ी है। इससे कारीगरों और छोटे उत्पादकों को सीधा फायदा मिला है।
- एमएसएमई और रोजगार- लगभग 6,000 नए एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) स्थापित हुए हैं। अगले 4-5 सालों में पर्यटन, परिवहन और आतिथ्य क्षेत्रों में करीब 1.2 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान है।
- स्थानीय लोगों की कमाई- छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों और अन्य कारोबारियों की रोजाना कमाई अब 2,500 रुपये तक पहुंच गई है। कई जगहों पर आय 5 गुना तक बढ़ी है।
- रियल एस्टेट में तेजी— जमीन और प्रॉपर्टी की कीमतों में तेज वृद्धि हुई है। निवेशकों का रुझान भी बढ़ा है।
IIM लखनऊ की इस स्टडी से साफ है कि राम मंदिर अब अयोध्या के लिए एक बड़ा "इकॉनमी इंजन" बन गया है। यह "टेंपल इकॉनमी" का एक शानदार उदाहरण है, जहां आस्था और विकास साथ-साथ चल रहे हैं। अयोध्या अब सिर्फ धार्मिक शहर नहीं, बल्कि आर्थिक विकास का नया केंद्र बन चुकी है।
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Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 17 February 2026 at 21:04 IST