अपडेटेड 15 September 2025 at 20:32 IST
कुछ धाराओं पर रोक के साथ वक्फ कानून बरकरार... किस राज्य में वक्फ बोर्ड के पास कितनी संपत्ति? कानून बनाने की क्यों पड़ी जरूरत
'वक्फ' अरबी भाषा के 'वकुफा' शब्द से बना है, जिसका अर्थ होता है ठहरना। वक्फ का मतलब, दरअसल उन संपत्तियों से है जो इस्लामी कानून के तहत विशेष रूप से धार्मिक या धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए समर्पित हैं। जानें सरकार को नए कानून बनाने की क्यों पड़ी जरूरत?
Waqf Property : वक्फ कानून पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने वक्फ संशोधन कानून 2025 को रद्द करने से इनकार करते हुए कानून के सेक्शन 3 और 4 पर रोक लगा दी है। कोर्ट के फैसले के बाद अब वक्फ की चल-अचल संपत्तियों को लेकर भी नई चर्चा शुरू हो गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संशोधन कानून पर रोक नहीं लगाई है, बल्कि कानून के कुछ प्रावधानों पर रोक लगाई है। कोर्ट ने वक्फ के लिए 5 साल वाले नियम पर रोक, वक्फ कानून में कलेक्टर के अधिकार पर रोक, वक्फ संपत्ति पर फैसले के अधिकार रोक, वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की सीमा तय, सेंट्रल वक्फ बोर्ड में 4 से ज्यादा गैर-मुस्लिम नहीं और राज्य वक्फ बोर्ड में 3 से ज्यादा गैर-मुस्लिम शामिल नहीं करने का फैसला सुनाया है।
वक्फ के पास कितनी संपत्ति?
ये सच है कि दुनिया के हर मुस्लिम देश में वक्फ की संपत्तियां नहीं हैं, लेकिन भारत में दुनिया की सबसे बड़ी वक्फ होल्डिंग है। भारत में वक्फ के पास सेना और रेलवे के बाद सबसे ज्यादा जमीन है। 2009 तक, 4 लाख एकड़ में फैली 300,000 पंजीकृत वक्फ संपत्तियां थीं। पिछले 15 साल में यह दोगुनी हो गई हैं। वर्तमान में वक्फ बोर्डों के पास करीब 9 लाख 40 हजार एकड़ में फैली करीब 8 लाख 72 हजार 321 अचल संपत्तियां हैं और 16,713 चल संपत्ति हैं। जिनकी अनुमानित कीमत 1.2 लाख करोड़ रुपये बताई जाती है।
ये संपत्तियां अलग-अलग राज्य वक्फ बोर्डों नियंत्रित की जाती हैं और इनका विवरण वक्फ एसेट्स मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ इंडिया (WAMSI) पोर्टल पर दर्ज किया गया है। यूपी में सबसे ज्यादा वक्फ संपत्ति है। जिसमें सुन्नी बोर्ड के पास 2 लाख 10 हजार 239 और शिया वक्फ बोर्ड के पास 15 हजार 386 संपत्तियां हैं। WAMSI पोर्टल के मुताबिक-
- यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड - 2,17,161
- यूपी शिया वक्फ बोर्ड - 15,386
- बंगाल - 80,922
- पंजाब - 75,965
- तमिलनाडु - 66,092
- कर्नाटक - 62,830
- केरल - 53,395
- तेलंगाना - 45,682
- राजस्थान - 30,895
- गुजरात - 39,940
- महाराष्ट्र - 36,701
- मध्य प्रदेश - 33,532
देश में वक्फ की संपत्तियां
- कब्रिस्तान- 1,50,597
- मस्जिद- 1,19,323
- कृषि भूमि- 1,40,820
- दुकान- 1,13,193
- मकान- 92,517
- प्लॉट- 65,044
- दरगाह- 33,508
- आशूरखाना- 17,719
- मदरसा- 14,015
- अन्य- 1,26,249
वक्फ संशोधन बिल की टाइम लाइन
- 8 अगस्त, 2024- वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में पेश हुआ
- 9 अगस्त, 2024- वक्फ संशोधन बिल JPC में भेजा गया
- 22 अगस्त, 2024- 31 सदस्यीय JPC की पहली बैठक हुई
- 27 जनवरी, 2025- वक्फ बिल पर JPC की आखिरी बैठक
- 29 जनवरी, 2025- ड्रॉफ्ट रिपोर्ट को JPC ने मंजूरी दी
- 30 जनवरी, 2025- लोकसभा स्पीकर को JPC रिपोर्ट सौंपी गई
- 19 फरवरी, 2025- कैबिनेट ने वक्फ संशोधन बिल को मंजूरी दी
- 3 अप्रैल, 2025 को तड़के लोकसभा में पारित हुआ। 288 वोट पक्ष में और 232 विपक्ष में पड़े।
- 4 अप्रैल, 2025 को तड़के राज्यसभा में पारित हुआ। जहां 128 वोट पक्ष में और 95 विपक्ष में पड़े।
- 5 अप्रैल, 2025 को राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद सरकार ने गजट अधिसूचना जारी की।
- 15 सितंबर, 2025 को वक्फ कानून पर SC का आदेश आया।
कानून बनाने की क्यों पड़ी जरूरत?
कई जानकारों का मानना है कि वक्फ संपत्तियों का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। नए कानून का मकसद वक्फ बोर्डों के कामकाज में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने साथ-साथ महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने सदन में बताया था कि बिल सच्ची और सही मंशा से लाया गया है। सच्चर कमेटी की रिपोर्ट बताती है कि जिन वक्त की संपत्तियों से 12 हजार करोड़ का रेवेन्यू जनरेट होना चाहिए था, उससे केवल 163 करोड़ रेवेन्यू जनरेट हो रहा था।
वक्फ बोर्ड क्या है?
'वक्फ' अरबी भाषा के 'वकुफा' शब्द से बना है, जिसका अर्थ होता है ठहरना। वक्फ का मतलब, दरअसल उन संपत्तियों से है जो इस्लामी कानून के तहत विशेष रूप से धार्मिक या धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए समर्पित हैं। इस्लाम में वक्फ उस जायदाद को कहते हैं, जो इस्लाम को मानने वाले लोग समाज कल्याण के लिए दान करते हैं। ये चल-अचल दोनों तरह की हो सकती है। ताकि उसका उपयोग समाज के कल्याण के लिए हो सके।
वक्फ बोर्ड का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन, उनकी सुरक्षा और यह सुनिश्चित करना है कि उनकी आय का उपयोग मस्जिदों, मदरसों, अनाथालयों, अस्पतालों या गरीबों की मदद के लिए किया जाए।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 15 September 2025 at 20:32 IST