बंगाल में सुवेंदु सरकार बनते ही बुलेट ट्रेन का ऐलान, अब दिल्ली से सिलीगुड़ी का सफर सिर्फ 6 घंटे में होगा तय; वाराणसी कितने देर में पहुंचेगी?

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आधिकारिक तौर पर नई दिल्ली को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से जोड़ने वाले एक बड़े हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट की घोषणा की है।

 
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Travelling from Delhi to Siliguri? | Image: X

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आधिकारिक तौर पर नई दिल्ली को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से जोड़ने वाले एक बड़े हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट की घोषणा की है। इस बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को राष्ट्रीय राजधानी और पूर्वोत्तर भारत के प्रवेश द्वार के बीच यात्रा के समय को बहुत कम करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे 20 घंटे की लंबी और थकाऊ यात्रा घटकर सिर्फ छह घंटे की रह जाएगी।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ नबन्ना में हुई एक अहम समीक्षा बैठक के दौरान की गई यह घोषणा, मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के बाद भारत की दूसरी बड़ी बुलेट ट्रेन पहल है।

एक नया 1,500 किलोमीटर लंबा इकोनॉमिक कॉरिडोर

यह विशाल हाई-स्पीड नेटवर्क उत्तरी और पूर्वी भारत में लगभग 1,500 किलोमीटर तक फैला होगा। प्रमुख शहरी और सांस्कृतिक केंद्रों को जोड़कर, इस प्रोजेक्ट का मकसद चार बड़े राज्यों - दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल - में एक महत्वपूर्ण कमर्शियल बेल्ट बनाना है।

मंत्री वैष्णव ने कहा, "यह इंफ्रास्ट्रक्चर बेल्ट एक शक्तिशाली नए इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में उभरेगा। हेल्थकेयर, शिक्षा, लॉजिस्टिक्स और हॉस्पिटैलिटी जैसे बिजनेस बढ़ेंगे, जिससे पूरे क्षेत्र को बड़े संरचनात्मक लाभ मिलेंगे।"

रेलवे के आधुनिकीकरण की व्यापक पहल

यह घोषणा इस साल पश्चिम बंगाल के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के केंद्रीय निवेश प्लान का हिस्सा है। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के साथ-साथ, वैष्णव ने कई बड़े ट्रांजिट अपग्रेड की भी घोषणा की:

  • अगले पांच वर्षों में 60 नई पीढ़ी की हाई-टेक ट्रेन रेक (डिब्बों के सेट) शुरू करना।
  • केंद्र की 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत पश्चिम बंगाल में 102 लोकल स्टेशनों का आधुनिकीकरण।
  • डंकुनी को सूरत से जोड़ने वाले 2,052 किलोमीटर लंबे ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर तेजी से काम।

यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट भारत के नेशनल बुलेट ट्रेन प्रोग्राम के दूसरे चरण का एक मुख्य हिस्सा है, जिसका मकसद पूरे देश में 4,000 किलोमीटर से ज्यादा हाई-स्पीड रेल ट्रैक बनाना है।

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Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 6 June 2026 at 20:11 IST