'सरकार चर्चा को तैयार, विपक्ष का काम सिर्फ उपद्रव फैलाना', CJP प्रदर्शन और NEET पर BJP का हमला, बांसुरी स्वराज ने PC में हर सवाल के दिए जवाब
बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि नीट मामले में CBI जांच जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीजेपी प्रदर्शन के दौरान सोनम वांगचुक की पत्नी से दुर्व्यवहार की खबर झूठी है। विपक्ष चर्चा से भाग रहा है और केवल उपद्रव फैला रहा है।
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Bansuri Swaraj Statement: नीट पेपर लीक विवाद और संसद से सड़क तक मचे संग्राम के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बुधवार (22 जुलाई) को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के युवाओं को राष्ट्र का निर्माता मानते हैं और बच्चों का भविष्य सुरक्षित रखना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
'37 दिनों में कराया नीट री-एग्जाम'
बांसुरी स्वराज ने नीट परीक्षा और उसके बाद हुई कार्रवाई का ब्यौरा देते हुए कहा कि 3 मई को नीट परीक्षा हुई थी और 11 मई को जैसे ही गड़बड़ी की बात सामने आई, उसी दिन शिक्षा मंत्रालय ने FIR दर्ज कराई। बिना किसी देरी के पूरी पारदर्शिता के साथ जांच CBI को सौंपी गई। CBI ने SIT का गठन कर 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो फिलहाल हिरासत में हैं। साथ ही साथ सरकार ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि इस मामले की रोजाना सुनवाई हो जिससे दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिले और छात्रों को न्याय मिल सके।
उन्होंने कहा कि लाखों बच्चों वाली इस परीक्षा की तैयारी में आमतौर पर छह महीने लगते हैं, लेकिन बच्चों के भविष्य को देखते हुए महज 37 दिनों के भीतर नीट का री-एग्जाम कराया गया और 25 दिनों में परिणाम भी घोषित कर दिया गया।
‘जब तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, सरकार ने…’
बांसुरी स्वराज ने कहा कि सरकार छात्र आंदोलन के प्रति हमेशा संवेदनशील रही है। 6 जून को अभिजीत दीपके अमेरिका से आए और 20 जून को प्रदर्शन में बैठे, जबकि उन्हें एयरपोर्ट पर ही अनुमति दे दी गई थी। जब तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, सरकार ने इसे नहीं रोका क्योंकि लोकतंत्र में विरोध करना सबका अधिकार है। हालांकि, 20 जुलाई को जब संसद का घेराव करने का प्रयास किया गया, तब बातचीत की प्रक्रिया शुरू हुई।
बीजेपी सांसद ने साफ किया कि 6 जून से 20 जुलाई तक संवाद का कोई संदेश नहीं आया था। जैसे ही मांग आई, सरकार ने प्रतिनिधिमंडल को जेपी नड्डा के साथ बैठकर बात करने का न्योता दिया। बातचीत के दौरान प्रतिनिधिमंडल से प्रदर्शन रोकने की अपील की गई और उन्होंने इसका आश्वासन भी दिया। जब वे जेपी नड्डा से मिले, तो उनके पास लिखित मांगों की सूची तक नहीं थी। लिखित मांग पत्र तैयार करने में प्रतिनिधिमंडल ने ढाई घंटे लगा दिए।
आंदोलन के दौरान फैलाई जा रही झूठी बातें- बांसुरी
बांसुरी के मुताबिक, नड्डा जी से मिलने के बाद वे प्रदर्शन न करने के अपने वादे से मुकर गए। बीजेपी सांसद ने आंदोलन के दौरान फैलाए जा रहे दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि के साथ दुर्व्यवहार की खबर पूरी तरह झूठ और भ्रामक है। अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी का भ्रम फैलाया गया, जबकि वे खुद जाकर ट्रक में बैठे थे। बाद में उनके प्रतिनिधिमंडल को अपनी सोशल मीडिया पोस्ट हटानी पड़ी।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में 12 साल की बच्ची के घायल होने का दावा भी बिल्कुल गलत है। गलत माहौल बनाने के लिए ऐसे आरोप लगाए गए।
बांसुरी स्वराज ने कहा कि हिंसा में 118 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। सरकार को उनके प्रति भी वही संवेदना है जो आंदोलनकारियों के लिए है। दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
विपक्ष पर निशाना साधते हुए बांसुरी स्वराज ने कहा कि इस आंदोलन के दौरान कई दल राजनीति कर रहे हैं। राहुल गांधी ने हाई-सिक्योरिटी जोन वाले पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन किया, जबकि उनका तो खुद का बचपन वहां बीता है और उन्हें नियमों की जानकारी होनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने वहां पहुंचकर राहुल गांधी से बात करने की कोशिश की, तो नेता प्रतिपक्ष अपनी बात से मुकर गए।
बांसुरी ने कहा कि सरकार खुले तौर पर सदन में चर्चा कराने को तैयार है। मोदी सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और हम देश के बच्चों के प्रति जवाबदेह हैं। विपक्ष ने चर्चा के लिए कोई नोटिस नहीं दिया है। ऐसा लगता है कि वे अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं और उनका मकसद विपक्ष की भूमिका निभाना नहीं, बल्कि सिर्फ उपद्रव फैलाना है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 22 July 2026 at 13:24 IST