'राहुल गांधी की हिम्मत नहीं कि जम्मू कश्मीर में फिर...' गिरिराज सिंह ने 370 पर दिया खुला चैलेंज
गिरिराज सिंह ने आर्टिकल 370 पर राहुल गांधी को ललकारा है और चुनौती दी है कि उनमें हिम्मत है तो वो आर्टिकल 370 को फिर से लागू करवा दें।
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Giriraj Singh on Rahul Gandhi : गिरिराज सिंह ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को खुला चैलेंज दे दिया है। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के फायर ब्रांड नेता केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आर्टिकल 370 पर राहुल गांधी को ललकारा है और चुनौती दी है कि उनमें हिम्मत है तो वो आर्टिकल 370 को फिर से लागू करवा दें। गिरिराज सिंह का ये बयान जम्मू कश्मीर विधानसभा में आर्टिकल 370 की बहाली के प्रस्ताव पर पिछले 5 दिन से चल रहे हंगामे के बाद दिया है।
जब गिरिराज सिंह से सवाल किया कि जम्मू कश्मीर विधानसभा में आर्टिकल 370 के लिए हंगामा हो रहा है। इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसकी हिम्मत है कि 370 लागू करे। भले जम्मू कश्मीर विधानसभा में कांग्रेस पार्टी 370 वापस लाने के लिए उमर अब्दुल्ला के साथ हस्ताक्षर करे, लेकिन भारत में कांग्रेस और अन्य किसी की हिम्मत नहीं है कि 370 कोई वापस ला सके। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर विधानसभा में जो कुछ हो रहा है, उसके लिए राहुल गांधी जिम्मेदार हैं।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में लगातार तीसरे दिन हंगामा
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन हंगामा हुआ, जब कुपवाड़ा से पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के विधायक ने केंद्र शासित प्रदेश में अनुच्छेद 370 की बहाली के समर्थन में एक बैनर दिखाया। भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने नारे लगाए। इस दौरान बीजेपी विधायकों के साथ इंजीनियर राशिद के भाई और अवामी इत्तेहाद पार्टी के विधायक शेख खुर्शीद समेत साथी सदस्यों ने बैनर को लेकर झड़प की। खुर्शीद अहमद शेख के साथ भाजपा विधायकों को सदन के वेल में जाते देखा गया, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर के आदेश पर उन्हें मार्शलों ने सदन से बाहर कर दिया।
सुनील शर्मा ने लोकतंत्र का सबसे काला दिन बताया
हंगामे पर प्रतिक्रिया देते हुए जम्मू-कश्मीर के नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने इसे लोकतंत्र का सबसे काला दिन बताया। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष पर सदन की बजाय नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया। शर्मा ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष विपक्ष की आवाज को दबाना चाहते हैं। शर्मा ने कहा, 'ये जम्मू-कश्मीर के लोकतंत्र का सबसे काला दिन है। पिछले तीन दिनों से स्पीकर- जिन्हें सदन का संरक्षक माना जाता है, मार्शल लॉ लागू कर रहे हैं और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष की तरह व्यवहार कर रहे हैं। वो विपक्ष की आवाज को दबाना चाहते हैं।' अनुच्छेद 370 की बहाली को लेकर हंगामा शुरू होने पर प्रस्ताव का विरोध करते हुए नेता प्रतिपक्ष शर्मा ने कहा कि ये विधानसभा संसद और सुप्रीम कोर्ट से बड़ी नहीं है और इस विषय पर बहस नहीं हो सकती।
4 नवंबर को हंगामे के साथ शुरू हुआ विधानसभा सत्र
जम्मू कश्मीर में नवनिर्वाचित विधानसभा का पहला सत्र 4 नवंबर को अनुच्छेद 370 को हटाने और जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को बहाल करने का विरोध करने वाले प्रस्ताव के साथ शुरू हुआ। हंगामे के बीच बुधवार को ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित कर दिया गया, जिसमें BJP को छोड़कर सभी दलों ने इसका समर्थन किया। अनुच्छेद 370 और जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे की बहाली के साथ-साथ स्वायत्तता के प्रस्ताव को लागू करना नेशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा जम्मू-कश्मीर चुनावों के लिए अपने घोषणापत्र में किए गए मुख्य वादों में से एक था।
Published By : Dalchand Kumar
पब्लिश्ड 8 November 2024 at 13:06 IST