उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी का आज हरिद्वार में अंतिम संस्कार, सीएम धामी रहेंगे मौजूद; राज्य में 3 दिन का राजकीय शोक घोषित
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी का आज हरिद्वार के खड़खड़ी घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। CM धामी उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे। इसके साथ ही उत्तराखंड में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। बच्चों के स्कूल भी बंद रहेंगे। पढ़ें पूरी खबर।
BC Khanduri Antim Sanskar: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (सेवानिवृत्त) का आज अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके निधन पर पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। बीसी खंडूरी का मंगलवार सुबह 91 साल की आयु में निधन हो गया। इसी साल जनवरी में उनको ब्रेन स्ट्रोक पड़ा था और तबसे लगातार वो बिस्तर पर थे। कुछ दिनों पहले उनकी देहरादून के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उन्होंने आज सुबह दम तोड़ दिया।
हरिद्वार में 11 बजे होगा अंतिम संस्कार
हरिद्वार के खड़खड़ी घाट पर सुबह 11 बजे उनका अंतिम संस्कार सम्मान के साथ किया जाएगा। इससे पहले 10 बजे बीजेपी प्रदेश कार्यालय में अंतिम दर्शन का कार्यक्रम रखा गया है, जिसमें भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उनके आवास पहुंचेंगे। इसके बाद सीएम धामी भाजपा प्रदेश कार्यालय और हरिद्वार के खड़खड़ी घाट पर भी जाएंगे।
3 दिन का राजकीय शोक, स्कूल-ऑफिस बंद
मुख्यमंत्री खंडूरी के निधन के बाद उत्तराखंड सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। प्रदेश भर के सभी सरकारी, अर्धसरकारी और निजी स्कूल-कॉलेज आज बंद रहेंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। आज यानी 20 मई को भी स्कूल बंद रहेंगे।
दिल का दौरा पड़ने से हुआ निधन
91 साल के बीसी खंडूरी लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे। वे 49 दिनों से देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। मंगलवार सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर दिल का दौरा पड़ने से उनकी मृत्यु हो गई। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, 1 अप्रैल को उन्हें आंतों में रक्तस्राव की शिकायत पर भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों की निगरानी में इलाज चल रहा था, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ।
मेजर जनरल बीसी खंडूरी उत्तराखंड राज्य के प्रमुख नेताओं में शुमार थे। उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की सेवा की। वो अपनी सादगी और अनुशासन के लिए जाने जाते थे। उनके निधन पर राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
Published By : Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड 20 May 2026 at 09:05 IST