अपडेटेड 9 February 2026 at 23:30 IST
लोकसभा में पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की जिस किताब का राहुल कर रहे थे जिक्र, उसकी PDF लीक होने का शक; दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया केस
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की अप्रकाशित किताब की प्री-प्रिंट कॉपी के ऑनलाइन सर्कुलेशन और संभावित लीक होने के मामले में FIR दर्ज किया है।
पूर्व भारतीय सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रही है। दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया और कुछ न्यूज फोरम पर सामने आई जानकारी का संज्ञान लिया है, जिसमें दावा किया गया कि ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ नाम की किताब की प्री-प्रिंट कॉपी ऑनलाइन सर्कुलेट हो रही है।
दिल्ली पुलिस ने इस किताब की प्री-प्रिंट कॉपी के ऑनलाइन सर्कुलेशन और संभावित लीक होने के मामले में स्पेशल सेल में FIR दर्ज कर ली है। बताया गया कि इस किताब को अभी संबंधित अधिकारियों से प्रकाशन की जरूरी मंजूरी नहीं मिली है। ऐसे में किताब के सर्कुलेशन पर सवाल उठ रहे हैं।
किताब की PDF वेबसाइट्स पर उपलब्ध
जांच में सामने आया कि इसी नाम से एक टाइपसेट किताब की PDF कुछ वेबसाइट्स पर उपलब्ध है। इतना ही नहीं, कुछ ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म पर किताब का फाइनल कवर भी दिखाया जा रहा है, जैसे किताब बिक्री के लिए तैयार हो।मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने इस कथित लीक या बिना अनुमति प्रकाशन की आशंका को लेकर स्पेशल सेल में केस दर्ज कर लिया है।
मामले पर पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और यह पता लगाया जाएगा कि PDF कैसे और किसने ऑनलाइन डाली। पुलिस के अनुसार, किताब को अभी संबंधित अधिकारियों, खासकर रक्षा मंत्रालय से प्रकाशन की आवश्यक मंजूरी नहीं मिली है। इस गंभीर मामले को देखते हुए स्पेशल सेल में केस दर्ज किया गया है।
कैसे चर्चा में आई किताब
बता दें कि यह किताब उस समय से चर्चा में आ गई है जब लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस अप्रकाशित किताब के कुछ अंशों का जिक्र किया। राहुल गांधी ने दावा किया कि किताब में पूर्व सेना प्रमुख ने लिखा है कि 2020 में चीन के साथ लद्दाख सीमा पर टकराव के दौरान भारतीय सेना चीन के टैंकों पर हमला करना चाहती थी, क्योंकि वे भारतीय सीमा में घुस आए थे।
राहुल ने सदन में कहा था कि पूर्व सेना प्रमुख नरवणे ने अपनी किताब में साफ लिखा है कि मुझे सच में बहुत अकेला महसूस हुआ। पूरे सिस्टम ने मुझे छोड़ दिया था। सरकार पक्ष से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी के बयानों का कड़ा विरोध किया और इसे नाटक करार दिया। उन्होंने कहा कि अप्रकाशित किताब के आधार पर संसद में बयान देना नियमों का उल्लंघन है।
किताब के प्रकाशन को नहीं मिली है मंजूरी
जानकारी के मुताबिक, यह किताब 2024 से प्रकाशन के लिए मंजूरी का इंतजार कर रही है और इसमें 2020 के गलवान संघर्ष के साथ-साथ भारत-चीन सीमा विवाद से जुड़े संवेदनशील विवरण बताए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किताब में सैन्य अभियानों और उच्च स्तरीय निर्णय प्रक्रिया पर खुलासे होने के कारण इसे मंजूरी में देरी हो रही है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 9 February 2026 at 20:28 IST