AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को बड़ा झटका, 2020 में दिल्ली में दंगा फैलाने के आरोप में दोषी करार, 7 सह-आरोपी बरी
शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में दंगा भड़काने का दोषी ठहराया गया। वहीं, कोर्ट ने इस मामले में सात सह-आरोपियों को बारी कर दिया है।
- भारत
- 3 min read
दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार, 10 अक्टूबर को आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को फरवरी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में दंगे भड़काने में मदद करने का दोषी ठहराया, जबकि कोर्ट ने बाकी सभी आरोपों से बरी कर दिया है।
कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशन जज परवीन सिंह ने सात सह-आरोपियों - मोहम्मद शादाब, शाह आलम, रियासत अली, गुलफाम, मोहम्मद रिहान, अरशद कय्यूम और इरशाद अहमद को भी सभी आरोपों से बरी कर दिया।
ताहिर हुसैन दिल्ली में दंगा भड़काने का दोषी
यह मामला एक FIR से जुड़ा था जिसमें IPC की धारा 147, 148 और 149 (दंगा और गैर-कानूनी जमावड़ा), 427 (नुकसान पहुंचाने वाली शरारत), 436 (आग या विस्फोटक पदार्थ से घर या संपत्ति को नष्ट करने की शरारत) और 120B (आपराधिक साजिश) लगाई गई थीं। हुसैन को दंगे भड़काने में मदद करने के आरोप को छोड़कर बाकी सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।
बता दें कि अगस्त 2023 में, कड़कड़डूमा कोर्ट ने मामले में आरोप तय करते हुए कहा कि पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन ने कथित तौर पर फरवरी 2020 के दंगों के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दुकानों में तोड़फोड़, लूटपाट और आगज़नी करने के लिए भीड़ को उकसाया था।
अंकित शर्मा की हत्या मामले से पहले से दोषी
आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन पर हिंसा से जुड़े मामलों में दूसरी बार दोषी ठहराया गया है। इससे पहले, इंटेलिजेंस ब्यूरो के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के एक अलग मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया था और उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई थी। इन दंगों में कई लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए, साथ ही संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुँचा। हिंसा से जुड़े कई मामलों की सुनवाई अलग-अलग चल रही है।
हुसैन के घर की छत से पत्थर और पेट्रोल बम फेंक गए थे-कोर्ट
कोर्ट ने कहा कि गवाहों के बयानों से पता चलता है कि हुसैन को उनके घर की छत पर देखा गया था, जहाँ से वे पास की दुकानों की ओर इशारा कर रहे थे; इसके बाद उन दुकानों पर हमला किया गया। कोर्ट ने एक गवाह के बयान का भी ज़िक्र किया जिसमें कहा गया था कि लोग हुसैन के घर की छत से पत्थर और पेट्रोल बम फेंक रहे थे।
कोर्ट ने माना कि हुसैन के ख़िलाफ़ दंगा करने, चोरी, नुकसान पहुँचाने और आगजनी से जुड़े अपराधों के साथ-साथ अपराध के लिए उकसाने (abetment) के प्रावधानों के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता है।
Published By : Sahitya Maurya
पब्लिश्ड 10 October 2026 at 18:25 IST