अपडेटेड 9 March 2026 at 12:27 IST

'हमने ईरान छोड़ने के लिए समय रहते आगाह किया,आर्मेनिया के रास्ते भारतीय...', मिडिल ईस्ट में तनाव पर राज्यसभा में बोले एस जयशंकर

बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन मिडिल ईस्ट के ताजा हालात पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि हर संभव कोशिश की जा रही है कि खाड़ी देशों में जो भारतीय फंसे हैं उनको सुरक्षित बाहर निकाला जाय।

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विदेश मंत्री एस जयशंकर | Image: Sansad TV

संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज, सोमवार से शुरू हो गया। दूसरे चरण के पहले दिन मिडिल ईस्ट के ताजा हालात पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में जवाब दिया। विदेश मंत्री ने राज्यसभा में कहा कि हम ऊर्जा जरूरतों को लेकर सतर्क हैं और खाड़ी देशों में रहने वाले हर एक भारतीय की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ भारतीय हैं। हर संभव कोशिश की जा रही है जो वहां फंसे हैं उनको सुरक्षित बाहर निकाला जाय।

ईरान-इजरायल जंग पर राज्यसभा में बोले जयशंकर

ईरान-इजरायल में जारी जंग को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, भारत ने इस हमले पर चिंता जतायी है। संवाद और कूटनीति के जरिए इस मुद्दे का हल निकालना चाहिए। मंत्रालय वहां के लोगों के संपर्क में है। कल तक हमारे लगभग 67,000 नागरिक लौटने के लिए इंटरनेशनल बॉर्डर पार कर चुके हैं। वेस्ट एशिया से हमारे लोगों को वापस लाने की पूरी कोशिश की जा रही है।

हालात पर पीएम की पैनी नजर-एस जयशंकर

पश्चिम एशिया के हालात पर राज्यसभा में बोलते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, "प्रधानमंत्री लगातार हो रहे डेवलपमेंट पर करीब से नजर रख रहे हैं, और संबंधित मंत्रालय को जवाब देने के लिए कोऑर्डिनेट कर रहे हैं। इस समय लीडरशिप लेवल पर ईरान के साथ बातचीत करना साफ तौर पर मुश्किल है।" विदेश मंत्री ने बातचीत और शांति को भारत का स्टैंड बताया और कहा कि ईरान के तीन जहाज हिंद महासागर में थे। हमने एक को ईरान के निवेदन पर शरण दी। इसके लिए  ईरान के विदेश मंत्री ने भारत का आभार जताया। 

इस युद्ध से कई देशों को खतरा-जयशंकर

राज्यसभा में विदेश मंत्री ने बताया कि कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी की मीटिंग 1 मार्च को हुई थी। बैठक में कमिटी ने सभी संबंधित मंत्रालयों और डिपार्टमेंट को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। युद्ध लगातार बढ़ रहा है और इससे आस-पास के इलाके के बाहर भी खतरा पैदा हो रहा है। जयशंकर ने आगे कहा, 'युद्ध से दूसरे देशों को खतरा है और आर्थिक गतिविधियों पर गहरा असर पड़ा है। शांति और सुरक्षा पर असर डालने वाला कोई भी डेवलपमेंट भारत के लिए चिंता की बात है।'

यह भी पढ़ें: US-इजरायल के साथ जारी जंग के बीच ईरान के नए उत्ताधिकारी का ऐलान

Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 9 March 2026 at 12:02 IST