जब शिवा शर्मा कूदने के लिए दरवाजे से बाहर निकला, तब आप कहां थीं? श्रद्धा दुबे को किन सवालों का करना पड़ा सामना? 5 घंटे से ज्यादा पूछताछ
श्रद्धा दुबे से जुड़े मामले में पुलिस पिछले 5 घंटों से लगातार पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार, श्रद्धा पुलिस की जांच में सहयोग नहीं कर रही है और सभी आरोपी एक ही रटी-रटाई कहानी दोहरा रहे हैं। पुलिस का मुख्य ध्यान 9 अक्टूबर की घटना की सच्चाई सामने लाना है।
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श्रद्धा दुबे मामले में पुलिस की जांच लगातार तेज होती जा रही है। पिछले पांच घंटों से लगातार श्रद्धा दुबे से गहन पूछताछ की जा रही है। सूत्रों से मिल रहे दावों के अनुसार, श्रद्धा पुलिस की इस पूछताछ में सहयोग नहीं कर रही है और सवालों के सीधे जवाब देने से बचती नजर आ रही है। पुलिस का पूरा फोकस 9 अक्टूबर की घटना की एक-एक कड़ी को सुलझाने पर है।
9 अक्टूबर की शाम पर टिकी पुलिस की नजर
पुलिस ने घटना वाली शाम के संदर्भ में तीनों आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर और अलग-अलग भी पूछताछ की है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि तीनों आरोपी बार-बार एक ही रटी-रटाई कहानी दोहरा रहे हैं, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया है। पुलिस ने मुख्य रूप से यह जानने की कोशिश की कि आखिर शिवा ने आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने श्रद्धा से कई तीखे सवाल किए। जैसे जब शिवा कूदने के लिए दरवाजे से बाहर निकला, तब आप कहां थीं? उस वक्त फ्लैट में कौन-कौन मौजूद था और आपकी बहन व ड्राइवर क्या कर रहे थे? क्या आपने उसे रोकने की कोई कोशिश की थी? घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी गई और आप अस्पताल छोड़कर क्यों भागी थीं?
फरारी और फंडिंग को लेकर पुलिस के कड़े सवाल
घटना के बाद से फरार चल रही श्रद्धा और अन्य आरोपियों के मूवमेंट को लेकर पुलिस ने कई अहम खुलासे करने की कोशिश की है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे किसका हाथ है और इन्हें कौन शरण दे रहा था।
पुलिस ने श्रद्धा से मुख्य रूप से यह सवाल पूछे कि इस घटना के बाद आपने सबसे पहले किसे फोन किया था? लखनऊ से निकलने के बाद आप सबसे पहले कहां गईं और आपकी फरारी में कौन-कौन मदद कर रहा था? नेपाल से वापस लखनऊ लौटने की क्या वजह थी? नागपुर जाने के बाद वहां आपको फ्लैट किसने दिलवाया था? फरारी के दौरान आपको कौन फाइनेंस कर रहा था?
सबूतों और बयानों का क्रॉस-वेरिफिकेशन कर रही पुलिस
अब पुलिस इन तमाम सवालों के मिले जवाबों को आपस में क्रॉस-चेक करेगी। बयानों में विरोधाभास मिलने पर पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल सबूतों के आधार पर उनकी सच्चाई को वेरीफाई करेगी। माना जा रहा है कि इस पूछताछ के बाद मामले में कुछ और नए और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 22 October 2026 at 15:49 IST