अपडेटेड 31 January 2026 at 13:30 IST

EPFO Pension: क्या न्यूनतम पेंशन 7500 रुपये तक बढ़ेगी? लंबे वक्त से उठ रही मांग, श्रम मंत्री शोभा करंदलाजे ने दिया साफ जवाब

EPFO Pension Update: महंगाई के दौर में पेंशनर्स की मुश्किलें बढ़ गई है, ऐसे में EPS-95 पेंशनर्स की न्यूनतम पेंशन 7500 रुपये करने की मांग लंबे वक्त से उठाई जा रही है। इसको लेकर मंत्री करंदलाजे ने जवाब दिया है। जानें सरकार का क्या प्लान है।

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EPFO पेंशन अपडेट | Image: EPFO

EPFO Pension Update: महंगाई के इस दौर में रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी लाखों पेंशनर्स के लिए मुश्किलों भरी बन जाती है। कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) के तहत कई बुजुर्ग सिर्फ 1000 रुपये मासिक पेंशन पर गुजारा कर रहे हैं। लोग लंबे वक्त से पेंशन बढ़ाने की मांग उठा रहे हैं, इसी बीच संसद में भी यह मुद्दा चर्चा में आया।

राज्यसभा में सांसद डॉ. मेधा विष्णु कुलकर्णी ने EPS-95 पेंशनर्स की परेशानियों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई, दवाइयों और रोजमर्रा के खर्चों के बीच 1000 रुपये की पेंशन पर्याप्त नहीं है। जिसके बाद सांसद ने सरकार से पूछा कि क्या न्यूनतम पेंशन को 7500 रुपये तक बढ़ाने पर विचार हो रहा है। साथ ही, क्या महाराष्ट्र के पेंशनर्स और यूनियनों से कोई ज्ञापन मिला है और क्या इस पर कोई समयसीमा तय की गई है।

श्रम मंत्री ने बताया पेंशन बढ़ेगी या नहीं

श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने सवाल का जवाब देते हुए कहा कि फिलहाल न्यूनतम EPS पेंशन को 7500 रुपये करने का कोई अलग प्रस्ताव या समयसीमा तय नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि पेंशन बढ़ाने से पहले पेंशन फंड की लंबी अवधि की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है। मंत्री ने बताया कि EPS-95 एक डिफाइंड कंट्रीब्यूशन और डिफाइंड बेनिफिट स्कीम है। इसमें नियोक्ता वेतन का 8.33 प्रतिशत और केंद्र सरकार 15,000 रुपये तक के वेतन पर 1.16 प्रतिशत योगदान देती है। इसी फंड से पेंशनर्स को भुगतान होता है।

सरकार पेंशनर्स को 1000 रुपये मासिक देती है

केंद्र सरकार फिलहाल बजट के माध्यम से EPS पेंशनर्स को न्यूनतम 1000 रुपये मासिक पेंशन सुनिश्चित करती है। यह सहायता सरकार के नियमित योगदान के अलावा दी जाती है। मंत्री ने कहा कि पेंशन फंड की हर साल एक्ट्यूरियल वैल्यूएशन होती है, ताकि भविष्य के खर्च और योगदान में संतुलन बना रहे।

सरकार ने स्पष्ट किया कि EPS-95 के तहत कोई अलग राज्यवार पेंशन फंड नहीं है। इसलिए, महाराष्ट्र या किसी अन्य राज्य से आई मांगों पर राष्ट्रीय स्तर पर विचार किया जाता है। पेंशनर्स की मांगों को इसी आधार पर देखा जा रहा है। पेंशन मुद्दे के साथ EPFO से जुड़े अन्य सुधार भी चर्चा में हैं। सूत्रों के मुताबिक, सरकार EPF और EPS के लिए वेतन सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने पर विचार कर रही है। अगर यह लागू होता है, तो ज्यादा कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा। 

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Published By : Nidhi Mudgill

पब्लिश्ड 31 January 2026 at 13:30 IST