'कुत्ते झुंड में आते हैं और शेर अकेला', महाराष्ट्र में ऑपरेशन टाइगर को लेकर मची हलचल के बीच गरजे एकनाथ शिंदे, कहा- पिक्चर अभी बाकी है...
एकनाथ शिंदे ने कहा कि उद्धव ठाकरे कहते हैं कि जिसे जाना है, वह चला जाए। जब आप लगातार ‘जाओ-जाओ’ कहते रहेंगे, तो लोग आपको छोड़कर जाएंगे ही। इस पर आत्मचिंतन करने की जरूरत है।
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Maharashtra Politics: 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर महाराष्ट्र की सियासत में मची हलचल के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का बड़ा बयान आया है। उन्होंने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि आज कुछ कुत्ते भौंक रहे हैं, लेकिन कुत्ते झुंड में आते हैं और शेर अकेला आता है। शिंदे ने यह भी कहा कि ये अभी ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है। आगे-आगे देखो होता है क्या?
आज (19 जून) शिवसेना प्रमुख और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पार्टी के 60वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि 60 साल पहले बालासाहेब ठाकरे ने शिवसेना की स्थापना की। आज हम वर्धापन दिन हीरक महोत्सव के रूप में मना रहे हैं। यहां उपस्थित सभी मंत्री,सांसद विधायक, ये मेरे वैभव हैं, सामने बैठे शिवसैनिक हमारी संपत्ति है।
‘कुत्ते भोंकते हैं और टाइगर शिकार करता है’
उन्होंने कहा कि सबकी नजर हमारे ऊपर लगी है। क्या बोलेंगे एकनाथ शिंदे? मंच पर जिसे लाएंगे? अरे ये टाइगर आपके सामने खड़ा है। आज कुछ कुत्ते भौंक रहे हैं, लेकिन कुत्ते झुंड मैं आते हैं, शेर अकेला आता है। कुत्ते भोंकते हैं और टाइगर शिकार करता है। कुत्ते भोंकते हैं, टाइगर दहाड़ता है।
शिंदे ने शिवसैनिकों को संदेश देते हुए कहा कि आप ही बालासाहेब ठाकरे के विचारों के सच्चे वारिस हैं। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि सिर्फ किसी से रिश्तेदारी बता देने से कोई वारिस नहीं बन जाता। केवल नाम के आगे-पीछे किसी का नाम (ठाकरे) लगा लेने से कोई वारिस नहीं हो जाता। शिवसेना जमीन का कोई टुकड़ा नहीं है। शिवसेना विचारों का और आप-हमारे संघर्षों का एक आंदोलन है। शिवसेना केवल एक राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि यह भगवा तूफान है। जो भगवे को भूल गया, वह राजनीति से समाप्त हो गया। हमने यह होते हुए देखा है।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि उद्धव ठाकरे कहते हैं कि जिसे जाना है, वह चला जाए। जब आप लगातार ‘जाओ-जाओ’ कहते रहेंगे, तो लोग आपको छोड़कर जाएंगे ही। इस पर आत्मचिंतन करने की जरूरत है। फिल्म शोले में असरानी का एक मशहूर डायलॉग था- ‘आधे इधर जाओ, आधे उधर जाओ, बाकी मेरे पीछे आओ।’ इनके पीछे अब कोई नहीं बचा है। इनके साथ सिर्फ कुछ सलाहकार और चाटुकार रह गए हैं। ऐसे में उनकी पार्टी कैसे बढ़ेगी?
अहंकार करने वाले रावण की लंका भी जलकर राख हो गई थी- शिंदे
उन्होंने कहा कि कोई उन्हें समझाए कि अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। समय के अनुसार निर्णय लेने पड़ते हैं, लेकिन अहंकार इतना बढ़ गया है कि हर जगह सिर्फ ‘मैं, मैं, मैं’ दिखाई देता है। अहंकार करने वाले रावण की लंका भी जलकर राख हो गई थी। जनता ही हमारे लिए सर्वोपरि है। जनता सब जानती है और सब देख रही है। हमारे नेताओं ने उनके आरोपों और बयानों का जवाब दिया है। वे कहते हैं कि ‘ऑपरेशन’ करेंगे। किसका ऑपरेशन करेंगे? वे तो सिर्फ बातें करने वाले लोग हैं। हमारे यहां डॉ. श्रीकांत शिंदे हैं, लेकिन मैं डॉक्टर नहीं हूं, फिर भी जरूरत पड़ने पर राजनीतिक ऑपरेशन करना जानता हूं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन करने के लिए शेर का दिल चाहिए, भेड़िये का नहीं। बाघ की खाल पहन लेने से कोई भेड़िया बाघ नहीं बन जाता। चार साल पहले इन्हीं लोगों ने मुझे धमकी दी थी कि मुंबई आकर दिखाओ, वापस नहीं जा पाओगे। क्या मुंबई किसी के बाप की जागीर है? मैं मुंबई आया, हेलिकॉप्टर छोड़कर सड़क मार्ग से यात्रा की और वर्ली तक पहुंचा। जो धमकियां दे रहे थे, वे घर बैठकर ऑनलाइन देख रहे थे। अब वे कहते हैं कि हमें तोड़ देंगे। अगर कोई शिवसैनिकों को तोड़ने की कोशिश करेगा, तो शिवसैनिक उसका लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगे।
'सत्ता और कुर्सी के लिए बालासाहेब के विचार छोड़ दिए'
उन्होंने उद्धव को निशाने पर लेते हुए कहा कि सिर्फ सत्ता और कुर्सी के लिए आपने बालासाहेब के विचार छोड़ दिए। कुर्सी के लिए आपने हिंदुत्व छोड़ दिया। बालासाहेब ठाकरे को उनके जीवनकाल में भी परेशान किया गया, उन्हें कष्ट दिए गए, लेकिन उनके जाने के बाद भी जिन लोगों ने सत्ता के लिए उनके विचारों और हिंदुत्व को छोड़ दिया, जनता ने उन्हें कभी स्वीकार नहीं किया। शिवसेना बालासाहेब ठाकरे के विचारों, हिंदुत्व और मराठी अस्मिता की ध्वजवाहक है और शिवसैनिक ही उसकी असली ताकत हैं।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि हमारी महायुति मजबूत है, बहुत मजबूत है। इसमें शामिल दलों के बीच का तालमेल और आपसी बंधन लगातार मजबूत होता जा रहा है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 19 June 2026 at 21:11 IST