TMC Split Row: 'जमीर, सम्मान और ईमानदारी बेच दी', ओम बिड़ला से मुलाकात के बाद बागी सांसदों पर बरसे अभिषेक बनर्जी, की ये मांग
अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि ये लोग ED और CBI से खुद को बचाना चाहते हैं। उनमें से कुछ को पैसे मिल रहे हैं और कुछ को धमकाया जा रहा है, मेरे पास इसके पक्के सबूत हैं।
- भारत
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Abhishek Banerjee meets Lok Sabha Speaker: तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बागी सांसदों की बगावत के बीच पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी फिर दिल्ली पहुंचे हैं। यहां उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की। इसके बाद अभिषेक बनर्जी ने बागी सांसदों पर बरसते हुए कहा कि उन्होंने अपना जमीर, सम्मान और ईमानदारी बेच दी है। साथ ही लोकसभा स्पीकर ने इन सभी सांसदों को डिस्क्वालिफाई करने की भी बात कही।
‘उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए…’
TMC के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा, “TMC के 20 सांसदों ने 3-4 दिन पहले स्पीकर से मुलाकात की और अपना अलग गुट बनाने का दावा किया। उनमें से 2-4 लोगों ने NCPI में विलय का दावा किया, जिसके बारे में हममें से किसी ने कभी नहीं सुना था। TMC के लोकसभा नेता के तौर पर, मैंने अयोग्यता की 20 अलग-अलग याचिकाएं सौंपी हैं। 10वीं अनुसूची उनके खिलाफ है, उन लोगों के खिलाफ जो अलग गुट बनाने का दावा करते हैं। अगर उनमें थोड़ी भी ईमानदारी है, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि इन 20 बागी सांसदों ने लोगों को धोखा दिया है और संविधान का अनादर व अपमान किया है। उन्होंने अपना जमीर, सम्मान और ईमानदारी बेच दी है। बंगाल की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। इनमें से कई (बागी सांसदों) को केंद्र की सुरक्षा दी गई है। उनके चुनाव क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति उनके साथ खड़ा नहीं है।
'…तो वे मेरे खिलाफ केस कर सकते हैं'
अभिषेक ने दावा किया कि ये लोग ED और CBI से खुद को बचाना चाहते हैं। उनमें से कुछ को पैसे मिल रहे हैं और कुछ को धमकाया जा रहा है, मेरे पास इसके पक्के सबूत हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए आगे कहा कि अगर किसी सांसद को मेरी बात बुरी लगती है, तो वे मेरे खिलाफ केस कर सकते हैं। मेरे पास जो कुछ भी है, उसे मैं अदालत में साबित करूंगा।
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फायदे के लिए पार्टियों को तोड़ा जा रहा- अभिषेक
TMC सांसद ने यह भी कहा कि पार्टियां तोड़ी जा रही हैं- सिर्फ बंगाल में ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र में भी ऐसा ही हो रहा है। शिवसेना को दो हिस्सों में बांटा गया और अब दूसरे हिस्से को भी अपने फायदे के लिए और तोड़ा जा रहा है। वे किसी भी कीमत पर संविधान बदलना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि मुझे 5 समन भेजे गए, मैं CID और ED के सामने पेश हुआ और मेरे घर पर दो बार छापेमारी हुई। ममता जी के यहां छापेमारी हुई, उनकी सुरक्षा बदल दी गई। हम सबकी सुरक्षा हटा ली गई। हमने स्पीकर के सामने अपना पक्ष रखा है और जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
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अभिषेक ने कहा कि हमने फैसला स्पीकर की समझदारी पर छोड़ दिया है। वह दूसरी तरफ की बात भी सुनेंगे और फिर हमें दोबारा बुलाएंगे। मुझे उम्मीद है कि लोकसभा स्पीकर संविधान के मुताबिक काम करेंगे और संविधान का गला नहीं घोटेंगे।