Neet Re-Exam 2026: नागपुर के छात्र का सेंटर अबूधाबी देने पर मच रहा था बवाल, उसकी NTA ने खोल दी पोल, कहा- छात्र ने खुद चुना था, दो बार...

NEET 2026 Abu Dhabi Centre Controversy: खबर आई कि एक स्टूडेंट का परीक्षा सेंटर अबूधाबी दे दिया गया है। खूब हंगामा मचा तो NTA ने डेटा खंगाला, फिर सारा गेम ही पलट गया। जानिए क्या है पूरा मामला।

 
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NEET 2026 Abu Dhabi Centre Row: NTA Says Nagpur Aspirant Chose Overseas | Image: ANI

NEET UG 2026 की दोबारा होने वाली परीक्षा यानी 21 जून से ठीक पहले एक ऐसा मामला सामने आया, जिससे देशभर में हंगामा मच गया। नागपुर के रहने वाले एक छात्र का परीक्षा सेंटर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी में दिए जाने की खबर सामने आई। इस पर काफी बवाल मचा, लेकिन जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपने डिजिटल रिकॉर्ड्स खंगाले, तो पूरी कहानी ही पलट गई। तो चलिए जानते हैं कि आखिर यह पूरा विवाद क्या था और NTA ने इसे कैसे सुलझाया।

क्या था पूरा विवाद?

यह मामला नागपुर के छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब से जुड़ा है। जब अब्दुल्ला ने अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, तो उसमें परीक्षा केंद्र के रूप में अबू धाबी का एक स्कूल लिखा था। छात्र के पिता डॉ. मोहम्मद तालिब ने बताया कि उन्होंने परीक्षा के लिए नागपुर, वर्धा और भंडारा को अपनी पसंद चुना था। उन्होंने कहा कि उनके बेटे के पास तो पासपोर्ट भी नहीं है, ऐसे में वह परीक्षा देने विदेश कैसे जा सकता है?
सोशल मीडिया पर एडमिट कार्ड वायरल होने के बाद यह मुद्दा गरमा गया। यहां तक कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी NTA की आलोचना करते हुए कहा कि एजेंसी देश के सब्र का इम्तिहान ले रही है।

June 20, 2026

NTA के सबूतों ने खोली पोल

चारों तरफ से हो रही आलोचनाओं के बीच NTA ने मामले की जांच की और जो सच्चाई सामने आई, वह काफी चौंकाने वाली थी। NTA के वेब-एक्टिविटी रिकॉर्ड्स ने साबित कर दिया कि यह किसी कंप्यूटर की गलती नहीं थी, बल्कि छात्र ने खुद अपना सेंटर बदला था।

NTA के वरिष्ठ अधिकारी ने पेश किए सबूत 

जब NTA ने परीक्षा केंद्रों में बदलाव के लिए 'करेक्शन विंडो' खोली थी, तब छात्र ने अपने रजिस्टर्ड आईडी और पासवर्ड से लॉग-इन करके अपनी पहली पसंद अबू धाबी और दूसरी पसंद दुबई चुनी थी।
जिस इंटरनेट कनेक्शन यानी IP एड्रेस का इस्तेमाल करके छात्र ने मई में अपना पुराना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया था और 24 मई को रिफंड के लिए अपनी बैंक डिटेल अपडेट की थी, उसी IP एड्रेस से सेंटर को अबू धाबी किया गया था। सिस्टम के रिकॉर्ड बताते हैं कि क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल करके एक बार सेंटर बदला गया और दो बार उसका 'प्रीव्यू' भी देखा गया कि सेंटर अबू धाबी ही सेट हुआ है या नहीं।

June 20, 2026

गलती के बावजूद NTA ने की मदद

भले ही डिजिटल सबूतों से साफ हो गया था कि गलती छात्र की तरफ से हुई है, लेकिन NTA ने मामले को 'स्टूडेंट-फर्स्ट' की नीति के तहत संभाला। एजेंसी का मानना है कि किसी भी प्रशासनिक भ्रम या गलती की वजह से किसी बच्चे की परीक्षा नहीं छूटनी चाहिए।
परीक्षा से सिर्फ 48 घंटे पहले यानी 19 जून की शाम जब छात्र का सेंटर वापस नागपुर करने का अनौपचारिक अनुरोध मिला, तो NTA की टीम तुरंत हरकत में आ गई। एजेंसी के कर्मचारियों ने उसी शाम छात्र के पिता से खुद संपर्क किया और औपचारिक कागजी कार्रवाई पूरी करने में उनकी मदद की। इसके बाद छात्र का परीक्षा केंद्र अबू धाबी से बदलकर वापस नागपुर कर दिया गया ताकि वह आसानी से अपनी परीक्षा दे सके।

करेक्शन विंडो के आंकड़े

NTA ने यह भी स्पष्ट किया कि री-शेड्यूल के बाद लगभग 3.2 लाख उम्मीदवारों ने इस करेक्शन विंडो का फायदा उठाया था। एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने 99.5% से अधिक छात्रों को उनकी पहली पसंद का ही परीक्षा शहर आवंटित किया है।

 

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Published By : Samridhi Breja

पब्लिश्ड 20 June 2026 at 19:24 IST