CBSE Re-evaluation Portal Cyber Attack: CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक, वेबसाइट को हैक कर हजारों बार फाइल एक्सेस की कोशिश

CBSE Re-evaluation Portal Cyber Attack: सीबीएसई के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर कुछ हैकर्स ने साइबर अटैक किया और वेबसाइट को ठप करने की कोशिश की।

 
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CBSE Re-evaluation Portal Cyber Attack | Image: Social Media

CBSE Re-evaluation Portal Hacked: अगर आपने भी सीबीएसई (CBSE) बोर्ड की परीक्षा दी है और अपनी कॉपियों की दोबारा चेकिंग यानी री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। हाल ही में सीबीएसई के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर कुछ हैकर्स ने साइबर अटैक किया और वेबसाइट को ठप करने की कोशिश की। हालांकि, बोर्ड ने दावा किया है कि उनका सिस्टम मजबूत है और उन्होंने इस हमले को नाकाम कर दिया है। तो चलिए जानते हैं कि आखिर हुआ क्या है और इसका स्टूडेंट्स पर क्या असर पड़ रहा है:

कैसे हुआ यह साइबर अटैक?

सीबीएसई के मुताबिक, मंगलवार (2 जून 2026) को उनके पोर्टल पर एक 'डिनायल ऑफ सर्विस' (DoS) अटैक हुआ। इसे आसान शब्दों में समझें तो हैकर्स ने पोर्टल को क्रैश करने के इरादे से महज 2 मिनट के अंदर 15 लाख (1.5 मिलियन) से ज्यादा बार वेबसाइट पर हिट किया। इसके अलावा, 1 लाख से ज्यादा बार बिना इजाजत फाइलों को एक्सेस करने की कोशिश भी की गई।

लेकिन, बोर्ड का कहना है कि उनका सिस्टम इस तरह के हमलों को झेलने के लिए पहले से ही तैयार था, इसलिए हैकर्स अपने गलत मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके।

June 2, 2026

सरकार ले रही है सख्त एक्शन

इस साइबर हमले को सरकार ने बहुत गंभीरता से लिया है। भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसियां, जैसे कि 'इंडियन साइबरक्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर' (I4C), इस पूरी घटना पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। शिक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने साफ कर दिया है कि जो भी लोग इस हमले के पीछे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पोर्टल का मौजूदा हाल क्या है?

यह री-इवैल्यूएशन पोर्टल पहले 29 मई और फिर 1 जून को खुलना था, लेकिन कुछ देरी के चलते इसे 2 जून को खोला गया। सीबीएसई ने राहत की खबर देते हुए बताया है कि पोर्टल सही से काम कर रहा है और स्टूडेंट्स बिना किसी परेशानी के अपनी एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। 2 जून को दोपहर 3 बजे तक 16 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स ने सफलतापूर्वक अपना फॉर्म भर लिया था। मौजूदा समय में यह सिस्टम एक साथ 8 हजार से ज्यादा यूजर्स का लोड आसानी से उठा रहा है। स्टूडेंट्स की सहूलियत के लिए पोर्टल पर सेशन की टाइम लिमिट यानी लॉगिन रहने का समय भी बढ़ा दी गई है, ताकि फॉर्म भरते समय पेज एक्सपायर न हो।

क्या कह रहे हैं स्टूडेंट्स?

भले ही सीबीएसई का दावा है कि सब कुछ ठीक है, लेकिन सोशल मीडिया पर स्टूडेंट्स का दर्द कुछ और ही बयां कर रहा है। कई स्टूडेंट्स शिकायत कर रहे हैं कि वेबसाइट पर अभी भी तकनीकी खामियां हैं।

बच्चों का कहना है कि लगातार आ रही दिक्कतों की वजह से उन्हें अपनी चेक की हुई आंसर शीट देखने और री-इवैल्यूएशन का प्रोसेस पूरा करने में काफी परेशानी हो रही है। इसी मुद्दे को उठाते हुए एडवोकेट विनीत जिंदल ने भी सोशल मीडिया पर एक स्टूडेंट का स्क्रीनशॉट शेयर किया है। उन्होंने सीबीएसई से अपील की है कि इन तकनीकी दिक्कतों को तुरंत दूर किया जाए ताकि किसी भी बच्चे के साथ नाइंसाफी न हो या उनका समय बर्बाद न हो।

अगर आप भी री-इवैल्यूएशन फॉर्म भर रहे हैं और पोर्टल स्लो चल रहा है या एरर आ रहा है, तो थोड़ा धैर्य रखें और कुछ समय बाद दोबारा कोशिश करें। सिस्टम पर लोड और रिपेयरिंग के काम की वजह से ऐसी दिक्कतें आ सकती हैं।

 

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Published By : Samridhi Breja

पब्लिश्ड 2 June 2026 at 18:25 IST