अपडेटेड 18 November 2025 at 10:56 IST
अल फलाह यूनिवर्सिटी पर ED की बड़ी कार्रवाई, दिल्ली ब्लास्ट केस में 25 से अधिक ठिकानों पर रेड; जामिया नगर और शाहीन बाग में भी छापा
प्रवर्तन निदेशालय अल फलाह विश्वविद्यालय मामले में उसके ट्रस्टियों, संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं से जुड़े अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रहा है।
दिल्ली ब्लास्ट के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार तड़के सुबह 5 बजे से हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी और इससे जुड़े ट्रस्टियों, संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं के ठिकानों पर बड़े स्तर पर छापेमारी जारी है। यह कार्रवाई यूनिवर्सिटी की फंडिंग के स्रोतों और कुछ पुराने आपराधिक मामलों से जुड़ी हुई है। दिल्ली ब्लास्ट केस में 25 से अधिक ठिकानों पर रेड हुई है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जावेद अहमद सिद्दीकी की तलाश में जुटी है। सिद्दीकी को जांच एजेंसियो ने दो बार समन भेजा, मगर वो अभी तक पेश नहीं हुआ है। मंगलवार अहले सुबह से ही, ईडी की टीमें दिल्ली, फरीदाबाद और अन्य जगहों पर 25 ठिकानों पर आतंकी फंडिंग, कट्टरपंथ और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामले में छापेमारी कर रही है।
अल फलाह यूनिवर्सिटी के ओखला हेडक्वार्टर पर रेड
दिल्ली ब्लास्ट केस में एनआईए की जांच के साथ ईडी ने मनी लॉड्रिंग मामले की जांच के लिए एक केस दर्ज किया था। हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय के ओखला (दिल्ली) कार्यालय पर भी केंद्रीय एजेंसी की छापेमारी जारी है, जो अल फलाह मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन सहित नौ संगठनों की देखरेख करता है।
दिल्ली ब्लास्ट केस में 25 से अधिक ठिकानों पर रेड
यूनिवर्सिटी से जुड़े ट्रस्टी की लोकेशन पर भी ईडी टीमें पहुंची हैं। ED की अलग-अलग टीमें दिल्ली, हरियाणा, फरीदाबाद समेत 25 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी जारी है। दिल्ली विस्फोट मामले में चार आरोपी आतंकवादी डॉक्टरों पर इस संस्थान से संबंध पाए जाने के बाद से विश्वविद्यालय की जांच चल रही है। फरीदाबाद के धौज गांव में विश्वविद्यालय के 70 एकड़ के परिसर में स्थित यह फाउंडेशन अब आतंकी जांच का मुख्य केंद्र बन गया है।
जवाद अहमद सिद्दीकी के भाई घर पहुंची ED
अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक और निदेशक जवाद अहमद सिद्दीकी के भाई सऊद सिद्दीकी के आवास पर भी ED की रेड जारी है। इस बीच अब तक की जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, 68 संदिग्ध मोबाइल फोन, जो ब्लास्ट की जगह के पास सक्रिय थे, उनपर पाकिस्तान और तुर्किये से कई कॉल आए थे।
अब तक की जांच में बड़ा खुलासा
धमाके के बाद पुलिस ने सुनहरी बाग और लाल किला के पास मोबाइल टॉवर से डंप डाटा उठाया है। उसकी मदद से कई तकनीकी जानकारियां सामने आई हैं। अब जांच उसके आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। लाल किला के पास हुए बम धमाके की जांच के दौरान पुलिस को कुछ चौकाने वाले सुराग मिले हैं। यही 68 मोबाइल नंबर अब जांच का केंद्र बन गए हैं। इन नंबरों पर पाकिस्तान और तुर्किये से आए कॉल की डिटेल निकाली जा रही है।
Published By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 18 November 2025 at 10:52 IST