अपडेटेड 10 March 2026 at 23:54 IST
Iran Israel War: हवाई यात्रा पर मिडिल ईस्ट संकट की मार, एयर इंडिया ने किया टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का ऐलान
Iran Israel War Impact: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब आम यात्रियों की जेब पर भी पड़ने लगा है। रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया समेत भारत की कई एयरलाइंस ने फ्लाइट टिकटों की कीमत बढ़ाने का ऐलान किया है।
Iran Israel War : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारत पर भी पड़ना शुरू हो गया है। दरअसल, ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय एयरलांइस ने इंटरनेशनल फ्लाइट्स के किराए में करीब 15% की बढ़ोतरी की है। इसका असर जल्द ही फ्लाइट की टीकटों पर दिखने लगेगा। रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया 12 मार्च से घरेलू फ्लाइट टिकटों पर 399 रुपये का फ्यूल सरचार्ज लगाएगी। यानी टिकट खरीदते समय अब आपको 399 रुपये अलग से देने पड़ेंगे।
होर्मुज रूट प्रभावित होने से फ्यूल के दाम में बढ़ोतरी
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच लगातार जारी जंग और होर्मुज रूट प्रभावित होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों और जेट फ्यूल के दाम में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अब इस युद्ध का असर ग्लोबल एविएशन इंडस्ट्री पर भी दिखने लगा है।
इसके मद्देनजर, भारत समेत एशिया और दुनियाभर की प्रमुख एयरलाइंस ने टिकटों के दाम बढ़ा दिए हैं। वहीं कई कंपनियां तो अपने विमानों को ग्राउंडेड करने का प्लान भी बना रही हैं।
आगे भी बढ़ सकता है किराया
इस युद्ध संकट के बीच जानकारों का मानना है कि 1970 के दशक के बाद का सबसे बड़ा तेल संकट हो सकता है। वहीं, भारत की कई एयरलाइंस कंपनियों का कहना है कि अगर जेट फ्यूल यानी ATF (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) की कीमतें बढ़ती रहीं तो आने वाले दिनों में फ्लाइट्स के टीकट और महंगे हो सकते हैं। एयरलाइंस का मानना है, ऑपरेशन चलाने की लागत तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में किराया बढ़ाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
बता दें, 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध का असर सप्लाई चेन पर पड़ रहा है। इसके चलते हाल में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने मिला है। ग्लोबल मार्केट में Brent Crude Oil की कीमत लगभग 93 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। वहीं इससे एक दिन पहले यह करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक चली गई थी।
एयरलाइंस के लिए जेट फ्यूल सबसे बड़ा खर्च
एविएशन इंडस्ट्री में जेट फ्यूल सबसे बड़ा खर्च है, जो एयरलाइंस के कुल ऑपरेटिंग खर्च का 30-40% हिस्सा लेता है। तेल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी ने एयरलाइंस कंपनियों के बजट को बुरी तरह प्रभावित किया है। नतीजा, कई कंपनियों ने टिकट के दाम बढ़ा दिए हैं और अपने वित्तीय अनुमान (फाइनेंशियल आउटलुक) भी वापस ले लिए हैं।
इन अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने भी बढ़ाए टिकट
सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया की कई बड़ी एयरलाइंस ने बढ़ती लागत के कारण टिकट महंगे कर दिए हैं। इसमें एयर न्यूजीलैंड, हांगकांग एयरलाइंस, क्वांटास और SAS जैसे अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस भी शामिल हैं।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 10 March 2026 at 22:55 IST