SIR पर बवाल के बीच चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, 7 राज्यों में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से छूटे मतदाताओं को मिलेगा नाम जुड़वाने का मौका
ECI ने शुक्रवार को नए निर्देश जारी किए हैं, जिससे उन मतदाताओं को बड़ी राहत मिली है। जिनके नाम SIR के दौरान तैयार की गई मतदाता सूची के मसौदे में शामिल नहीं हो पाए थे। ऐसे मतदाताओं को नाम जुड़वाने का एक और मौका मिल रहा है।
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भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने सात राज्यों में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर रहे मतदाताओं को बड़ी राहत दी है। अब जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो पाए थे, वे फाइनल वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वा सकेंगे। आयोग के अनुसार, यह सुविधा उन मतदाताओं के लिए उपलब्ध है जिन्हें गणना फॉर्म तो जारी किए गए थे, लेकिन ‘गैर-हाजिर, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट’ (ASDD) श्रेणी में आने के कारण उनके नाम ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर कर दिए गए थे।
ECI ने शुक्रवार को नए निर्देश जारी किए हैं, जिससे उन मतदाताओं को बड़ी राहत मिली है। जिनके नाम SIR के दौरान तैयार की गई मतदाता सूची के मसौदे (Draft Electoral Roll) में शामिल नहीं हो पाए थे। दिल्ली (NCT), महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नागालैंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को भेजे गए एक आधिकारिक आदेश में, ECI ने घोषणा की है कि ASDD श्रेणी में चिह्नित मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करने का एक और मौका दिया जाएगा।
चुनाव आयोग का बड़ा फैसला
चुनाव आयोग ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य नागरिकों के मतदान अधिकारों की रक्षा करना है, ताकि वे असली नागरिक जो पहले अपना फॉर्म जमा नहीं कर पाए थे या जिन्हें गलती से ASDD श्रेणी में डाल दिया गया था वे मतदाता सूची से बाहर न रह जाएं। निर्वाचन आयोग ने पात्र मतदाताओं की पहचान करने, उनसे संपर्क करने और उन्हें फिर से मतदाता सूची में शामिल करने के लिए एक व्यवस्थित प्रक्रिया तैयार की है।
मतदाताओं को सूची में नाम जुड़वाने का मिलेगा मौका
जिन मतदाताओं को ASDD श्रेणी में चिह्नित किया गया है और जिनके फॉर्म वापस प्राप्त नहीं हुए हैं, उनकी बूथ-वार सूची एक बार फिर मतदान केंद्रों, पंचायत भवनों, शहरी स्थानीय निकायों के कार्यालयों और BDO कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर लगाई जाएगी। इन सूचियों में नाम शामिल न होने के संभावित कारण भी बताए जाएंगे, और इन्हें संबंधित CEO की वेबसाइटों पर PDF के रूप में भी उपलब्ध कराया जाएगा। मतदाता, चल रहे 'विशेष गहन पुनरीक्षण' के दौरान, अपना भरा हुआ 'एन्यूमरेशन फॉर्म' (अनुलग्नक-A) अपने स्थानीय निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) या सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO) के पास जमा कर सकते हैं।
ऐसे कर सकते हैं आवेदन
अधूरे भरे गए फॉर्म ECINET पर ERO के डैशबोर्ड में दिखाई देंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) और ERO मतदाताओं से व्यक्तिगत रूप से, WhatsApp, ईमेल या SMS के जरिए संपर्क करेंगे। मतदाता अपने मौजूदा EPIC नंबर का उपयोग करके सीधे ECI की वेबसाइट या ECINET ऐप पर भी अपना फॉर्म डाउनलोड या भर सकते हैं। बूथ स्तर के अधिकारी (BLO), राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ स्तर के एजेंटों (BLA) के साथ मिलकर, घर-घर जाकर, पड़ोसियों या RWA से पूछताछ करके और सीधे फोन कॉल के जरिए प्रभावित मतदाताओं की मदद करेंगे।
जिन मतदाताओं के नाम सूची से छूट गए हैं, वे अपने वर्तमान निवास स्थान के आधार पर फिर से आवेदन कर सकते हैं। जो मतदाता कहीं और स्थानांतरित नहीं हुए हैं और अभी भी उसी पते पर रह रहे हैं, उन्हें अपना भरा हुआ 'एन्यूमरेशन फॉर्म' और उसके साथ 'अनुलग्नक-B' जमा करना होगा, जिसमें यह बताना होगा कि पहले फॉर्म क्यों जमा नहीं किया जा सका था। यह फॉर्म स्वयं या परिवार के सदस्य द्वारा ईआरओ, एयरो या बीएलओ को व्यक्तिगत रूप से जमा किया जा सकता है, या ई-हस्ताक्षर के साथ ईसीआईनेट के माध्यम से ऑनलाइन जमा किया जा सकता है।
फॉर्म-8 की आवश्यकता नहीं है
राज्य के भीतर स्थानांतरित हुए मतदाताओं को अपना नया पता और विधानसभा क्षेत्र दर्शाने वाला अनुलग्नक-सी सहित वैध पते का प्रमाण प्रस्तुत करते हुए जनगणना फॉर्म जमा करना होगा। फॉर्म-8 की आवश्यकता नहीं है। फॉर्म जमा करने के लिए नए निर्वाचन क्षेत्र के ईआरओ या एईआरओ से व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया जा सकता है या बीएलओ के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। पते का प्रमाण न रखने वाले बेघर व्यक्तियों के लिए, फॉर्म मानक दस्तावेजों के बिना जमा किया जा सकता है, बशर्ते बीएलओ द्वारा किया गया फील्ड सत्यापन रिपोर्ट वैध निवास प्रमाण के रूप में कार्य करे।
स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं की सहायता के लिए, ECI ने आधिकारिक वेबसाइट और ईसीआईएनईटी ऐप पर "बीएलओ के साथ कॉल बुक करें" सुविधा शुरू की है। प्राप्त सभी जनगणना फॉर्म और संबंधित विवरणों का ईआरओ द्वारा मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के नियम 21(1) के तहत सत्यापन और निपटान किया जाएगा। पात्रता, सामान्य निवास और जहां आवश्यक हो, फील्ड जांच के उचित सत्यापन के बाद, स्वीकृत फॉर्मों को चालू एसआईआर की अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए रखा जाएगा।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 6 November 2026 at 20:40 IST