पहला ऐसा यादव देखा, जो अहीर-अहीर में भी भेद करता है...राजभर का अखिलेश पर हमला, बोले- ग्वाला समाज सपा को 2022 से भी बुरे दौर में पहुंचाएगा
राजभर ने अखिलेश पर तंज कसते हुए लिखा कि गाय-भैंस की सेवा करने वाला अहीर समाज अब उनकी राजनीति समझने लगा है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव 15 फीसदी कमरिया समाज को अपना मानते हैं।
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उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्होंने सवाल उठाया कि 2017 से 2024 तक सपा ने कितने घोसी (ग्वाला) और कितने कमरिया समाज के लोगों को टिकट दिया। उन्होंने सपा प्रमुख पर यादव समाज में ही भेदभाव करने का आरोप लगाया।
राजभर ने अखिलेश पर तंज कसते हुए लिखा कि गाय-भैंस की सेवा करने वाला अहीर समाज अब उनकी राजनीति समझने लगा है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव 15 फीसदी कमरिया समाज को अपना मानते हैं, जबकि 85 फीसदी घोसी यानी ग्वाला समाज की अनदेखी कर रहे हैं।
‘अहीर-अहीर में भेदभाव क्यों?’
सुभासपा प्रमुख ने कहा कि उन्होंने पहली बार ऐसा यादव नेता देखा है, जो अहीर समाज के बीच ही भेद पैदा करता है। अखिलेश जाति के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति कर रहे हैं। राजभर ने अखिलेश को नसीहत देते हुए कहा कि अब उन्हें जाग जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में 85 फीसदी ग्वाला समाज सपा को 2022 से भी बुरा दौर दिखाएगा।