'ऐसे करते-करते चुनाव पार हो जाएगा', ममता बनर्जी के सुप्रीम कोर्ट का रुख करने पर बोले दिलीप घोष

दिलीप घोष ने कहा कि ऐसे करते-करते चुनाव पार हो जाएगा। वे ना उम्मीदवार दे पाएंगे ना लड़ पाएंगे। किसी को भी कोर्ट में जाने का अधिकार है।

 
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Mamata Banerjee Dilip Ghosh | Image: ANI

BJP on Mamata Banerjee as She Moves to SC: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी का नाम और पारंपरिक चुनाव चिह्न 'दो फूल' फ्रीज किए जाने के चुनाव आयोग के अंतरिम फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। ममता बनर्जी के इस कानूनी कदम पर अब भारतीय जनता पार्टी और अन्य नेताओं की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटते-काटते ही चुनाव का समय निकल जाएगा। ऐसी स्थिति में वे न तो अपने उम्मीदवार खड़े कर पाएंगे और न ही चुनाव लड़ पाएंगे। वैसे, अदालत जाने का अधिकार हर किसी को है, वे भी जाकर देख लें।

September 19, 2026

'सभी को संवैधानिक अधिकार इस्तेमाल…'

NCPI सांसद सायोनी घोष ने ममता बनर्जी के पश्चिम बंगाल उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार का समर्थन करने पर कहा, 'ये राजनीति है और राजनीति में चुनाव से पहले क्या-क्या निर्णय लिए जा सकते हैं, क्या-क्या किया जा सकता है, यह दोनों पार्टियों के बीच है। कोई चुनाव आयोग के पास भी जा सकता है या कोर्ट के पास भी जा सकता है। चाहें कांग्रेस हो, तृणमूल कांग्रेस हो या भाजपा हो, सभी को अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करने की स्वतंत्रता है।'

September 19, 2026

क्या है पूरा मामला?

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के पार्टी का नाम और सिंबल फ्रीज किए जाने के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है। यह पूरा घटनाक्रम 6 अक्टूबर को होने वाले आगामी उपचुनावों से ठीक पहले तेजी से बढ़ती राजनीतिक सरगर्मियों के बीच सामने आया है। इस राजनीतिक विवाद में आपस में जुड़ी तीन बड़ी घटनाएं शामिल हैं। इसकी शुरुआत निर्वाचन आयोग (ECI) के तृणमूल कांग्रेस के पारंपरिक नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज करने से हुई। इसके बाद ममता बनर्जी गुट को एक और बड़ा झटका लगा, जब नंदीग्राम सीट से उनकी पार्टी की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने सीएम सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद अचानक अपना नाम वापस ले लिया। इस सियासी घमासान के बीच ममता बनर्जी के कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान करने के कुछ घंटे बाद ही गिरफ्तार कर लिया गया।

सुप्रीम कोर्ट पहुंची ममता बनर्जी

इन सभी घटनाक्रमों के बीच ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट पहुंची हैं। उन्होंने पार्टी का नाम और सिंबल फ्रीज किए जाने और पार्टी में टूट के खिलाफ चीफ जस्टिस की पीठ के समक्ष दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं, जिसमें तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है।

मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर भड़की ‘दीदी’

ममता बनर्जी ने शुक्रवार को एक्स पर ट्वीट कर लिखा, 'नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को हमारा समर्थन देने के कुछ ही देर बाद कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना के समय पर गंभीर सवाल उठते हैं और यह बीजेपी का पुराना फ़ॉर्मूला है, किसी पुराने मामले को खोदकर निकालना। लेकिन अभी ही क्यों? ठीक हमारे कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा के बाद! बीजेपी की बदले की भावना और ज्यादती की राजनीति एक साफ पैटर्न दिखाती है। हेर-फेर, वोट की लूट और डराने-धमकाने के जरिए चुनाव एजेंसी और बीजेपी की साझेदारी हर दिन लोकतंत्र की हत्या कर रही है।'

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Published By : Priyanka Yadav

पब्लिश्ड 19 September 2026 at 09:51 IST