अपडेटेड 17 January 2026 at 23:47 IST

Indigo ने यात्रियों को रुलाए थे 'खून के आंसू', अब DGCA ने कर दिया फुल एंड फायनल हिसाब, लगाया 22 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना; समझें पूरा गणित

विमानन नियामक डीजीसीए ने इंड‍िगो के ख‍िलाफ कड़ा एक्‍शन ल‍िया है। पिछले महीने उड़ानों में भारी व्यवधान के लिए एयरलाइन पर 22.2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

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Idigo ने यात्रियों को रुलाए थे 'खून के आंसू', अब DGCA ने कर दिया फुल एंड फायनल हिसाब, लगाया 22 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना; समझें पूरा गणित | Image: X

विमानन नियामक डीजीसीए ने इंड‍िगो के ख‍िलाफ कड़ा एक्‍शन ल‍िया है। पिछले महीने उड़ानों में भारी व्यवधान के लिए एयरलाइन पर 22.2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। रेगुलेटर का यह फैसला एयरलाइन के 3 से 5 दिसंबर के बीच बड़े पैमाने पर उड़ानों में हुई देरी और रद्द होने की घटनाओं के बाद आया है। इस वजह से 2,507 उड़ानें रद्द हुई थीं। साथ ही 1,852 उड़ानें देरी से चली थीं। इससे तीन लाख से ज्‍यादा यात्री हवाई अड्डों पर फंसे रह गए थे।

डीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ को फ्लाइट ऑपरेशंस और क्राइसिस मैनेजमेंट पर अपर्याप्त ओवरऑल ओवरसाइट के लिए कॉशन जारी किया है। वहीं अकाउंटेबल मैनेजर यानी सीओओ को विंटर शेड्यूल 2025 और रिवाइज्ड एफडीटीएल कार के प्रभाव का सही आकलन न करने पर वॉर्निंग दी गई है। डीजीसीए के मुताबिक, इसी चूक के कारण एयरलाइन को बड़े पैमाने पर ऑपरेशनल डिसरप्शन का सामना करना पड़ा। इसके अलावा सीनियर वाइस प्रेसिडेंट– ओसीसी को सिस्टमिक प्लानिंग और रिवाइज्ड एफडीटीएल प्रावधानों को समय पर लागू न करने के लिए वॉर्निंग दी गई है।

क्या है पूरा मामला

दिसंबर 2025 में इंडिगो की 2,507 उड़ानें रद्द हुईं थीं। 1,852 उड़ानों में देरी हुई थी। अलग-अलग एयरपोर्ट पर फंसे तीन लाख से अधिक यात्रियों को असुविधा हुई थी। इस मामले में MoCA के निर्देश पर DGCA ने चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। ताकि इंडिगो के परिचालन में रुकावटों के कारणों की समीक्षा और मूल्यांकन किया जा सके।

जांच समिति ने क्या-क्या पाया

  • कमेटी ने पाया कि रुकावट के प्राथमिक कारण परिचालन का अत्यधिक अनुकूलन, अपर्याप्त नियामक तैयारी के साथ-साथ सिस्टम सॉफ्टवेयर समर्थन में कमियां और इंडिगो की ओर से मैनेजमेंट स्ट्रक्चर और ऑपरेशनल कंट्रोल में कमियां थीं। 
  • कमेटी ने पाया कि इंडिगो मैनेजमेंट में कमियों की पहचान करने, परिचालन बफर बनाए रखने और संशोधित फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने में विफल रही। 
  • इन चूकों के चलते बड़े पैमाने पर उड़ानों में देरी और बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द हुईं, जिससे यात्रियों को असुविधा हुई।
  • जांच में आगे यह भी पाया गया कि क्रू, विमान और नेटवर्क संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर अत्यधिक ध्यान दिया गया, जिससे रोस्टर बफर मार्जिन काफी कम हो गया। 
  • क्रू रोस्टर को ड्यूटी अवधि को अधिकतम करने के लिए डिजाइन किया गया था, जिसमें डेड-हेडिंग, टेल स्वैप, विस्तारित ड्यूटी पैटर्न और न्यूनतम रिकवरी मार्जिन पर अधिक निर्भरता थी। इससे रोस्टर प्रभावित हुआ और परिचालन पर प्रभाव डाला।

जुर्माने पर इंडिगो ने क्या कहा?

डीजीसीए के आदेश के जवाब में इंडिगो ने कहा कि वह आदेशों का पूरा संज्ञान लेगी। उचित कदम उठाएगी। इसने यह भी कहा कि गड़बड़ी के बाद से इंडिगो में आंतरिक प्रक्रियाओं की मजबूती की गहन समीक्षा चल रही है। इंडिगो ने बयान में कहा है, 'एयरलाइन का बोर्ड और मैनेजमेंट आदेशों का पूरा संज्ञान लेने के लिए प्रतिबद्ध है। सोच-समझकर और समय पर उचित कदम उठाएगा।

इसके अलावा, इंडिगो में आंतरिक प्रक्रियाओं की मजबूती और फ्लेक्सिबिलिटी की गहन समीक्षा गड़बड़ी के बाद से चल रही है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि एयरलाइन अपने 19 साल से ज्‍यादा के संचालन के बेदाग रिकॉर्ड में इन घटनाओं से और मजबूत होकर उभरे।' उसने कहा कि एयरलाइन लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि देश 2030 तक एक वैश्विक विमानन प्रमुख के रूप में उभरे।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 17 January 2026 at 23:38 IST