Delhi Building Collapse: मृतकों की संख्या अबतक बढ़कर पांच, MCD ऑफिस में ABVP ने की तोड़फोड़; मरने वाले एक छात्र की हुई पहचान
सत्य निकेतन हादसे में घायल हुए लोगों में छात्र और मजदूर शामिल हैं। घायलों में 4 छात्र और 2 मजदूर शामिल हैं। जबकि 5 लोगों की मौत हो गई है।
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दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक इमारत भरभराकर गिर गई। जानकारी के मुताबिक, इस इमारत में दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई छात्र रह रहे थे। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख जताया है। घटना के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्यों ने सिविक सेंटर स्थित एमसीडी मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एमसीडी कमिश्नर के इस्तीफे की मांग की।
ABVP कार्यकर्ताओं ने MCD की लापरवाही और अवैध निर्माणों पर अंकुश न लगाने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। उन्होंने ‘एमसीडी कमिश्नर इस्तीफा दो’, ‘सुरक्षित कैंपस हमारा अधिकार’ और ‘लापरवाही नहीं स्वीकार’ जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कमिश्नर, जोनल कमिश्नर, एमसीडी चेयरमैन और मेयर के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सिविक सेंटर स्थित MCD ऑफिस में तोड़-फोड़ की।
मरने वालो में से एक छात्र की पहचान हुई, मृतको में श्रमिक भी शामिल
सत्य निकेतन हादसे में घायल हुए लोगों में छात्र और मजदूर शामिल हैं। घायलों में 4 छात्र और 2 मजदूर शामिल हैं। जबकि 5 लोगों की मौत हो गई है। घायल छात्रों की पहचान अभिषेक, नीरज और आदित्य के रूप में हुई है। इनका एम्स ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। फिलहाल इनकी हालत स्थिर है। वहीं एक अज्ञात छात्र का आर आर अस्पताल में इलाज चल रहा है। मरने वालों में एक छात्र की पहचान नीरज श्यान चंद, उम्र 19 वर्ष के रूप में हुई है।
40 से 50 साल पुरानी थी बिल्डिंग
ANI के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने बताया कि रविवार को सत्य निकेतन इलाके में गिरी इमारत लगभग 40 से 50 साल पुरानी थी और इस इमारत की बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। बता दें, साउथ कैंपस थाने में इमारत के कथित मालिक आनंद बंसल और अन्य लोगों के खिलाफ BNS की धारा 105/290/125(a) के तहत FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि ग्राउंड फ्लोर पर मरम्मत का चल रहा था, जिसके कारण इमारत गिर गई।
दोषी के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी हादसे वाली जगह पर पहुंची थी। CM ने बताया कि 11 लोगों को निकाला गया, जबकि पांच लोगों की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि इस हादसे में जो भी दोषी होगा, चाहे वह मालिक हो, या कोई अधिकारी, या कोई भी, उसे बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एम्स पहुंचकर घायलों से भी मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि इस हादसे के पीछे जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, बेसमेंट में खुदाई का काम चल रहा था जिसके कारण एक पिलर खिसक गया और पूरी इमारत ढह गई। मुख्यमंत्री का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता सभी बच्चों को बचाना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हादसे में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 6 September 2026 at 23:12 IST