बांग्लादेश से फंसाकर लाते थे भारत, 25 लाख में सौदा...फिर शुरू होता था ऑर्गन ट्रांसप्लांट का गंदा खेल
Delhi News: बांग्लादेश और दिल्ली के बीच चल रहे एक कथित अंग प्रत्यारोपण रैकेट के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
New Delhi: क्राइम ब्रांच ने इंटरनेशनल ऑर्गन ट्रांसप्लांट रैकेट का खुलासा किया है। इस मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें तीन बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। इस गैंग में रसल नामक शख्स मास्टरमाइंड था।
बताया जा रहा है कि मरीज और डोनर को बांग्लादेश में चिह्नित किया जाता था और फिर उसके बाद उन्हें इंडिया लेकर आते थे। इसके लिए फर्जी तरीके से नकली कागजात बनाए जाते थे। यहां पर ऑर्गन ट्रांसप्लांट करवा कर फिर वापस बांग्लादेश भेज दिया करते थे।
एक मरीज से 20 से 25 लाख रुपये की वसूली
जानकारी मिल रही है कि हॉस्पिटल की महिला डॉक्टर, दो हॉस्पिटल के स्टाफ भी इसमें अरेस्ट किए हैं। एक शख्स ट्रांसलेटर हुआ करता था। एक मरीज से 20 से 25 लाख रुपये ट्रांसप्लांट के लिया करते थे और सभी आरोपियों को किरदार के हिसाब से पैसे दिया जाते थे।
महिला डॉक्टर शुरुआत से फर्जी दस्तावेज बनाती थी और उसके बाद दो अस्पताल में सर्जरी करती थी। लगभग तीन-चार सालों से इस रैकेट को चलाया जा रहा था और ये लोग अबतक कई लोगों की किडनी ट्रांसप्लांट कर चुके हैं।
दो तरीकों से भारत बुलाए जाते थे लोग
क्राइम ब्रांच डीसीपी अमित गोयल के मुताबिक किडनी ट्रांसप्लांट गैंग दो तरीकों से लोगों (donar) को बांग्लादेश से इंडिया बुलाया करते थे। पहले बांग्लादेश में गरीब लोगों (डोनर) को टारगेट करते थे। उनको पैसे का लालच देकर इंडिया बुलाते थे कि आपको एक किडनी देने पर लाखों रुपये दिए जाएंगे।
दूसरा तरीका ये था कि बांग्लादेशी लोगों को इंडिया में अच्छी नौकरी देने का झांसा देते थे और उसके बाद उन लोगों को भारत बुला लिया करते थे। इन दो तरीको से बांग्लादेशी डोनर को इंडिया बुलाया जाता था।
क्राइम ब्रांच के डीसीपी अमित गोयल ने कहा, "एक अंतरराष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण रैकेट के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस रैकेट का मास्टरमाइंड एक बांग्लादेशी था। डोनर और रिसीवर दोनों बांग्लादेश से थे। हमने रसेल नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो रोगियों और डोनर की व्यवस्था करता था और प्रत्यारोपण में शामिल महिला डॉक्टर को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।"
Published By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 9 July 2024 at 21:34 IST