आसमान में छाएंगे बादल और... दिल्ली में प्रदूषण से राहत के लिए आज ही होगी Artificial Rain? मंत्री ने दिया बड़ा अपडेट
Delhi News: दिल्ली में प्रदूषण से राहत के लिए रेखा गुप्ता सरकार कृत्रिम बारिश यानी Artificial Rain कराने जा रही है। इस पर पर्यायवरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि अगर मौसम साफ रहा तो आज दिल्ली में क्लाउड सीडिंग की जाएगी।
Artificial rain in Delhi: देश की राजधानी दिल्ली हर साल की तरह इस बार भी प्रदूषण की मार झेल रही है। कई दिनों से दिल्ली की हवा जहरीली बनी हुई है, जिसमें लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है। ऐसे में प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए रेखा गुप्ता की सरकारी अब राजधानी में कृत्रिम बारिश यानी Artificial Rain कराने की है। दिल्ली पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आर्टिफिशियल रेन के लिए क्लाउड सीडिंग पर बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने कहा कि अगर मौसम अनुकूल रहता है, तो आज (28 अक्टूबर) दिल्ली में क्लाउड सीडिंग की जाएगी।
दिल्ली समेत पूरे NCR की हवा में जहर घुला हुआ है। आज सुबह 6 बजे आनंद विहार, आईटीओ से लेकर द्वारका तक AQI लेवल रेड जोन में है। नोएडा और गाजियाबाद में भी ऐसा ही हाल है।
कृत्रिम बारिश पर क्या बोले सिरसा?
दिल्ली के पर्यायवरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, "क्लाउड सीडिंग के बारे में, जैसे ही कानपुर में मौसम साफ होगा, हमारा विमान आज वहां से उड़ान भरेगा। अगर यह वहां से उड़ान भरने में सफल होता है, तो आज दिल्ली में क्लाउड सीडिंग की जाएगी।"
उन्होंने कहा कि उस क्लाउड सीडिंग के जरिए दिल्ली में बारिश होगी। अभी कानपुर में विजिबिलिटी 2000 मीटर है। वहां 5000 मीटर विजिबिलिटी रहने की उम्मीद है। दिल्ली में भी विजिबिलिटी कम है। हमें उम्मीद है कि दोपहर 12:30-1 बजे तक यह संभव हो जाएगा। फिर यह वहां से उड़ान भरेगा, यहां क्लाउड सीडिंग करेगा और वापस आ जाएगा।
बुराड़ी में हुआ था सफल ट्रायल
बता दें कि IIT कानपुर दिल्ली में कृत्रिम वर्षा का जिम्मा संभाल रहा है। पिछले सप्ताह भी दिल्ली के बुराड़ी में इसके लिए सफल ट्रायल हुआ था। IIT कानपुर के निदेशक प्रोफेसर मनीन्द्र अग्रवाल ने बताया था उस दिन बादल कम थे, इसलिए बारिश नहीं हुई। ट्रायल पूरी तरह सफल रहा।
वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी ऐलान किया था कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 से 30 अक्टूबर के बीच उपयुक्त बादल बनने की संभावना जताई थी। अगर स्थिति अनुकूल रही, तो दिल्ली 29 अक्टूबर को अपनी पहली कृत्रिम बारिश देख सकती है।
क्या है क्लाउड सीडिंग?
क्लाउड सीडिंग के प्रोसेस में हवा में मौजूद बादलों में सिल्वर आयोडाइड या सोडियम क्लोराइड जैसे रसायन मिलाए जाते हैं। ये कण बादलों में नमी को आकर्षित करते हैं और पानी की बूंदों के तौर पर बारिश लाने में मदद करते हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह प्रक्रिया तब प्रभावी होती है जब बादल पर्याप्त मात्रा में मौजूद हों।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 28 October 2025 at 09:03 IST