अपडेटेड 9 March 2026 at 16:27 IST
Delhi Liquor Scam: केजरीवाल-सिसोदिया की रिहाई के आदेश पर HC में क्या हुआ? फिर गरमा गया मुद्दा, BJP बोली- ये आम आदमी नहीं खास घोटालेबाज हैं
अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत दिल्ली शराब घोटाले में बरी सभी आरोपियों को हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने सभी 23 आरोपियों को नोटिस भेजकर CBI अधिकारी की जांच पर रोक लगा दी है। जिसके बाद BJP ने AAP पर तंज कसना शुरू कर दिया है।
Delhi News : दिल्ली की शराब नीति (Delhi Excise Policy) से जुड़े विवादास्पद मामले में एक नया मोड़ आ गया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को ट्रायल कोर्ट की टिप्पणी पर रोक लगा दी। यह फैसला CBI की अपील पर आया है, जिसमें आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख नेताओं अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को डिस्चार्ज करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। अब BJP ने फिर से AAP पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मामला 2021-22 में सुर्खियों में है। आरोप लगे कि दिल्ली की आप सरकार ने नई शराब नीति बनाते हुए निजी कंपनियों को गलत तरीके से लाभ पहुंचाया, जिससे राज्य को करीब 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कहा कि "आम आदमी पार्टी बहुत जल्दी सेलिब्रेट करना शुरू कर दिया था। आज हाई कोर्ट ने ये साबित कर दिया कि ये आम आदमी पार्टी खास घोटालेबाज पार्टी है।"
मंत्री आशीष सूद ने AAP पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया रिपोर्ट्स का जिक्र करते हुए कहा कि "170 मोबाइल तोड़ दिए गए, 43 सिमकार्ड मनीष सिसोदिया ने तोड़े। CAG रिपोर्ट पेज नंबर 99 का हवाले देते हुए उन्होंने कहा कि 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान सरकार को उठाना पड़ा। पुरानी शराब नीति में जिस एक बोतल शराब पर सरकार को एक्साइज ड्यूटी 223 रुपये 90 पैसे मिलती थी, वो घटकर 1 रुपये 88 पैसे हो गई। VAT सरकार को 106 रुपये मिलता था, वो घटकर 1 रुपये 90 पैसे हो गया। पुरानी शराब नीति में रिटेलर मार्जिन 33 रुपये 35 पैसे था। नई नीति में 363 रुपये 27 पैसे मिलने लगे। पुरानी नीति में सरकार को एक बोतल पर 329 रुपये 90 पैसे मिलते थे और नई पॉलिस में 8 रुपये 90 पैसे की कमाई आने लगी।
ट्रायल कोर्ट ने 23 आरोपियों को किया डिस्चार्ज
फरवरी 2021 में नई नीति लागू होने के बाद विवाद बढ़ा और 2022 में इसे रद्द कर दिया गया। CBI और ED ने केस दर्ज किया। सिसोदिया की गिरफ्तारी फरवरी 2023 में हुई, सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2024 में सिसोदिया को जमानत दी। जबकि केजरीवाल को बाद में जमानत मिली। लेकिन ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी 2026 को सभी 23 आरोपियों को डिस्चार्ज कर दिया। कोर्ट ने CBI की जांच पर भी सवाल उठाए थे।
हाई कोर्ट का हस्तक्षेप
ट्रायल कोर्ट के बाद CBI ने तुरंत हाई कोर्ट में अपील दायर की, दावा किया कि यह सबसे बड़ा घोटाला है और डिस्चार्ज का आदेश गलत है। सोमवार की सुनवाई में हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की सीबीआई-विरोधी टिप्पणियों पर स्टे लगा दिया और केजरीवाल, सिसोदिया समेत सभी को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने कहा कि सीबीआई अधिकारी के खिलाफ ट्रायल कोर्ट के आदेश पर भी स्टे लगेगा।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 9 March 2026 at 16:27 IST