Delhi Pollution: GRAP-4 लागू, पुराने वाहनों की एंट्री बैन... कड़े फैसले के बाद भी दिल्ली की हवा में घुला है 'जहर', क्यों नहीं हो रहा असर?
दिल्ली में GRAP-4 लागू होने के बावजूद हवा जहरीली बनी हुई है। पुराने वाहनों पर बैन और क्लाउड सीडिंग जैसी कोशिशें भी फेल हो गई। जानिए वजहें।
Delhi Pollution News: राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा फेज लागू किया गया है। जिसके तहत कई सख्त पाबंदियां और नियम लागू किए गए हैं। इसमें निर्माण कार्य पर रोक, पुराने डीजल-पेट्रोल वाहनों की एंट्री बैन और ट्रकों पर बैन शामिल हैं। क्योंकि दिल्ली-NCR में 15 जगह पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 पार पहुंच गया है। सवाल यह उठ रहा है कि सरकार की सारी कोशिशों के बावजूद भी प्रदूषण कम क्यों नहीं हो रहा, इसके पीछे की वजहें जानने की कोशिश करते हैं।
बढ़ते प्रदूषण के बीच दिल्ली में बढ़ी पाबंदियां
ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा फेज लागू होने से दिल्ली में कई नियम लागू है जैसे सभी सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए घर से काम यानी वर्क फ्रॉम होम करने के निर्देश दिए गए हैं। बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के दिल्ली में किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं मिलेगा। यानी अगर आपके पास वाहन है और PUC नहीं है, तो आप दिल्ली के किसी भी पेट्रोल पंप से पेट्रोल, डीजल या CNG नहीं भरवा पाएंगे।
दिल्ली सरकार के प्रदूषण रोकथाम नियमों के मुताबिक दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड निजी वाहन दिल्ली में एंट्री नहीं कर पाएंगे। इसी तरह भारी वाहनों पर भी रोक लगाई गई है। दिल्ली में किसी भी भारी वाहन की एंट्री नहीं होगी। हालांकि, जरूरी सामान और आवश्यक वस्तुएं ले जाने वाले ट्रकों को नियमों के तहत छूट दी गई है।
क्यों नहीं हो रहा असर?
- प्रदूषण कम न होने के पीछे मुख्य वजह यह है कि नियमों का सख्ती से पालन नहीं हो रहा। सड़कों पर धूल, लैंडफिल में आग और निर्माण जैसी गतिविधियां पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही।
- वहीं, प्रदूषण स्तर ऊंचा होने से मौसमी कोशिशें नाकाफी साबित हो रही हैं। अक्टूबर में IIT कानपुर के साथ क्लाउड सीडिंग की दो कोशिशें की गईं, लेकिन बारिश नहीं हुई और प्रदूषण में कोई कमी नहीं आई।
- इसके अलावा मौसम भी फिलहाल दिल्ली एनसीआर वालों का साथ नहीं दे रहा, प्रदूषण की चादर के साथ-साथ घना कोहरा भी देखने को मिल रहा है। अगर बारिश होती तो प्रदूषण कम हो जाता, जो नहीं हुआ
- दिल्ली सरकार अपने यहां तो नियम लागू कर रही है, लेकिन पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में हो रही गतिविधियों का असर भी दिल्ली-NCR पर हो रहा है और प्रदूषण बढ़ रहा है।
GRAP-4 लागू होने के बावजूद हवा जहरीली बनी हुई है। पुराने वाहनों पर बैन और क्लाउड सीडिंग जैसी कोशिशें भी फेल हो गई। जबकि दिल्ली सरकार और AAP के बीच प्रदूषण पर तलवारें खींची है और दोनों एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, जबकि दिल्ली की जनता प्रदूषण के कारण बड़ी मुसीबत में फंसी है।
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 19 December 2025 at 16:41 IST