Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन हादसे में पुलिस का बड़ा एक्शन, मकान मालिक समेत 3 लोगों को किया गिरफ्तार
दिल्ली के सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता, उनके बेटे महेश और पत्नी उर्मिला को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इस मामले में निर्माण के दौरान हुई लापरवाही और सुरक्षा मानकों की जांच कर रही है।
- भारत
- 2 min read
दिल्ली के सत्य निकेतन इमारत हादसे में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटा महेश शामिल हैं। जांच के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त प्रॉपर्टी पत्नी उर्मिला के नाम पर थी, जबकि बिजली का कनेक्शन हरिराम के नाम पर था। वहीं उनका बेटा महेश बिल्डिंग के पूरे मैनेजमेंट और देखरेख की जिम्मेदारी संभालता था। फिलहाल पुलिस इस हादसे के पीछे निर्माण कार्य के दौरान हुई गंभीर लापरवाही, अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की विस्तृत जांच में जुटी है। तीनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मालिक का परिवार शिकंजे में
हादसे के बाद हरकत में आई दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार लोगों में बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता, उनका बेटा महेश और पत्नी उर्मिला शामिल हैं। कागजों में यह प्रॉपर्टी उर्मिला के नाम पर दर्ज थी, बिजली कनेक्शन हरिराम के नाम था और बिल्डिंग के मैनेजमेंट का सारा कामकाज उनका बेटा महेश देखता था।
होनहार छात्रों और मजदूर की गई जान
देश के अलग-अलग हिस्सों से दिल्ली पढ़ाई करने आए होनहार छात्रों के सपने इस हादसे के मलबे में दबकर हमेशा के लिए खत्म हो गए। घायलों का इलाज जारी है। हादसे के बाद करीब 27 घंटे तक चले राहत और बचाव अभियान में मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन अब पूरा हो चुका है। इसमें 7 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 5 छात्र हैं।
MCD के 5 अधिकारियों पर गिरी गाज
इमारत के अवैध निर्माण और घोर लापरवाही के उजागर होने के बाद नगर निगम (MCD) ने कड़ा रुख अपनाया है। गाज गिरते ही MCD के डिप्टी कमिश्नर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर समेत कुल 5 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, 6 प्रमुख निकायों को नोटिस जारी
इस मामले की गूंज अब अदालत तक पहुंच गई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने हादसे को 'अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई की। कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, MCD, दिल्ली पुलिस, दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को नोटिस जारी कर कड़ा जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 25 तारीख को तय की गई है।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 7 September 2026 at 18:19 IST