Delhi Hotel Fire: 'दिल्ली में सब चलता है, मेरे पास समय नहीं इसलिए...' होटल मालिक ने पूछताछ में किए बड़े खुलासे, मालवीय नगर अग्निकांड में हुई 21 मौतों की पूरी कहानी
मालवीय नगर अग्निकांड के आरोपी ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया कि अनिवार्य फायर NOC नहीं था, इसके बाद कहा कि 'उसके बाद होलट संभलने का समय नहीं था, दिल्ली में सब चलता है', जानें दिल्ली होटल अग्निकांड की पूरी कहानी।
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Delhi hotel fire accident: दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड के मुख्य आरोपी होटल के मालिक लवकेश बजाज को पुलिस हिरासत में ले लिया गया, आरोप फरार होने के बाद सड़क पर घूम रहा था इसी दौरान पुलिस ने उसे पकड़ा, इसके बाद जब पूछताछ हुई तो आरोपी ने कई बड़े खुलासे किए हैं, जिससे पता चलता है कि कितनी लापरवाही से होटल चल रहा था।
मालवीय नगर के 'फ्लरिश स्टे' होटल और रेस्टोरेंट के मालिक लवकेश बजाज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं और गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया, हादसे के बाद से आरोपी अपने परिवार सहित फरार हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया था। पुलिस आज (4 जून) आरोपी को दोपहर 2 बजे अदालत में पेश कर रिमांड की मांग की जा सकती है ताकि मामले की गहन जांच हो सके।
पूछताछ में आरोपी के चौंकाने वाले खुलासे किए
दिल्ली पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपी लवकेश बजाज ने दावा किया है कि उसके पास होटल के रोजमर्रा के कामकाज को खुद देखने या संभालने का समय नहीं था। उसने इस पूरी व्यवस्था, बिलिंग और हिसाब-किताब की जिम्मेदारी किसी दूसरे व्यक्ति को सौंप रखी थी। बजाज ने पुलिस को बताया कि इमारत में कमरों का आकार बढ़ाने और कुछ फेरबदल करने जैसे बदलाव भी उसी दूसरे व्यक्ति के सुझाव पर किए गए थे।
'दिल्ली में सब कुछ चलता है'- आरोपी
आरोपी लवकेश बजाज के मुताबिक, उस व्यक्ति ने उसे भरोसा दिलाया था कि इस तरह के इंतजाम 'आम बात' हैं और 'दिल्ली में सब कुछ चलता है।' पूछताछ के दौरान बजाज ने यह भी स्वीकार किया कि इस व्यावसायिक इमारत के पास अनिवार्य फायर NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं था।
मालवीय नगर अग्निकांड की पूरी कहानी ?
दिल्ली में मालवीय नगर के फ्लरिश स्टे होटल के बेसमेंट रेस्तरां में 3 जून को सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर जो आल लगी इसने पूरे देश को हिला कर रख दिया। आग बेसमेंट से तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गई। इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 11 विदेशी (लाइबेरिया, मोजाम्बिक, नाइजीरिया, कांगो समेत) और 10 भारतीय शामिल हैं। मरने वाले भारतीयों में 8 राजस्थान और हरियाणा से थे। कुल 35 लोग इस हादसे का शिकार हुए। जिनमें से अभी भी 19 की हालत गंभीर है। आशंका जताई जा रही है कि मरने वाले लोगों की संख्या और बढ़ सकती है। क्योंकि कई घायल वेंटिलेटर पर हैं।
अभी तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, होटल में फायर NOC नहीं थी और सिर्फ 6 कमरों की अनुमति थी, लेकिन 25 कमरे चल रहे थे। हादसे के बाद मालिक लवकेश बजाज को गैर इरादतन हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस जांच उन्होंने कई खुलासे किए हैं।
जब आग लगी, तब कैसा था मंजर?
फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब 40 लोगों को रेस्क्यू किया। वहीं स्थानीय लोगों ने गद्दे बिछा बिछाकर कई लोगों की जान बचाई, जिनमें तीसरी-चौथी मंजिल से कूदने वाले भी शामिल हैं। देखते ही देखते चारों और चीख पूकार मच गई। फिर दुखद सूचना आती है कि मैक्स अस्पताल में 18 लोगों की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले हो चुकी थी।
पीएम मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजे का ऐलान किया है। दिल्ली LG ने फायर सेफ्टी न मानने वाली इमारतों पर सीलिंग के आदेश दिए हैं। जिसके बाद दिल्ली में मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है।
Published By : Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड 4 June 2026 at 08:59 IST